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Crop Protection with vernacular Names

Crop Protection with vernacular Names
11
Oct

कृतेक-प्राणी (कुतरनेवाले) प्रबंधन

• गॉंवों में खेत एवं घरों के चूहे भी एक गंभीर समस्यार है, क्यों कि ये अनाज को क्षति पहुँचाते हैं एवं मिट्टी से बने घरों को भी इनसे नुकसान पहुँचता है।

• यह भी कहा जाता है कि इनके कारण घरों मे विषैले सॉंप भी आ जाते हैं। कुछ क्षेत्रों में इन्हें  आग में भूनकर खाया जाता है, चूहों का शिकार करना छत्ती्सगढ़ के कुछ क्षेत्रों में बहुत लोकप्रिय है। 

• चूहों पर नियंत्रण पाने के लिये प्रयोग में लाये जानवाले कुछ स्व देशी उपाय:

1. बाजार में उपलब्‍ध पिंजरों को प्रयोग करना

2. घरों में बिल्लीा पालना

11
Oct

ईयर कटिंग कैटरपिलर्स

1. प्रारंभिक चरण में, वे युवा पौधों के पत्तों के गुच्छे पर पोषित होते हैं एवं बाद के चरण में, पुष्पगुच्छियों को काटकर एवं फसलों को बहुत गंभीर प्रकार की हानि का कारण बनते हैं।

11
Oct

आर्मी वर्म

1. केवल मिडरिब एवं तने को छोड़ कर, लार्वा द्वारा पत्तों को किनारे से खाने के कारण हानि होती है।

2. गंभीर पर्याक्रमण में पूर्ण बीज परतें एवं खेत नष्ट हो जाते हैं एवं ऐसे दिखाई देता है जैसे कि वह जानवरों द्वारा चरा गया हो।

11
Oct

राईस हिस्पा

1. हानि नवजात एवं वयस्क दोनों के कारण होती है। नवजात निचले एवं ऊपरी ऍपिडर्मिस में सुरंग द्वारा पोषित होते हैं जिसका परिणाम, नियमित रूप से पारदर्शी सफेद धब्बे होते हैं।.

 2. वयस्क आम तौर पर, केवल निचले ऍपिडर्मिस को छोड़कर, पत्ते की धार की सतह को कतरते हैं। .

3. क्षतिग्रस्त पौधे के भाग मिडरिब के समानांतर, सफेद धारियाँ के रूप में दिखाई देते हैं।

11
Oct

लीफ़ रोलर

1. लार्वा युवा पत्तियों को पीड़ित करते हैं।

2. वे पत्ता ऊतक पर पोषित होते हैं एवं जैसे-जैसे वे बड़े होते हैं, वे पत्ती को नली के रूप में बनाने के लिए मोड़ देते हैं।

3. गंभीर पर्याक्रमण के समय, पत्ते के किनारे पूर्ण रूप से सूख जाते हैं। 

 

11
Oct

ग्रीन लीफ़-हॉपर

1. नवजात एवं वयस्क पत्तियों से रस को सोखते हैं।

2. पीड़ित पत्ते क्लोरोफिल के हटने के कारण बने छोटी खरोंच की तरह के निशान के द्वारा विशिष्ट होते हैं।

3. वे "यैलो ड्वॉर्फ" एवं "टुन्ग्रो वायरस" रोगों को चावल में संचारित करते हैं।

11
Oct

बीपीएच एवं डब्‍ल्यूबीपीएच

1. नवजात एवं वयस्क रस सोख कर एवं अपने भोजन के साथ ज़ाइलेम एवं फ्लोएम के अवरोधन द्वारा पौधों को नुकसान पहुँचाते हैं।

2. कोष एवं ऊतकों के टुकड़े इन नलिकाओं में प्रारंभिक भोजन के समय धकेले जाते हैं एवं पौधे के विकास के प्रारंभिक चरण को प्रभावित करते हैं, ऊंचाई एवं सामान्य ताक़त को कम करते हैं।

3. परिणामस्वरूप प्रभावित पौधे का रंग पीला पड़ जाता है एवं वह मर जाता है।

4. बाद के चरणों में, फसल मर जाती है एवं घब्बों को "हॉपर बर्न" कहा जाता है। बीपीएच "ग्रासी स्टंट वायरस" भी प्रेषित करता है।

डब्ल्यूेबीपीएच एवं बीपीएच के प्रबंधन

11
Oct

व्हर्ल मॅगट

संरचना

1. लार्वा व्हर्ल की ओर जाते हुए विकासशील पत्तियों के सबसे भीतरी किनारे में पोषण लेता है, पत्तियों पर छाले बनाता है एवं डेड हार्ट्स उत्‍पन्न करता है।

11
Oct

स्टेम बोरर

1. कैटरपिलर तने में भेद करते हैं एवं मध्य में स्थित "डेड हार्ट्स" की क्रमशः दूधिया अवस्था में एवं वानस्पतिक अवस्था में "व्हाइट ईयरहेड" की मौत का कारण बनते हुए आंतरिक तौर पर भोजन करते हैं।.

2. इसके परिणामस्वरूप अनाज तुषमय हो जाता है।.

स्टेम बोरर(छिद्रक) का प्रबंधन

11
Oct

केस वर्म

1. लार्वा पत्तियों की नोक को काटता है एवं दोनों किनारों की कताई द्वारा घूमकर नलीदार बनाता है।

2. वे नली के अंदर रहते हैं, पत्तियाँ खाते हैं, एक से दूसरे पौधे तक जाने के लिए पानी के ऊपर तैरते हैं एवं महत्तम जुताई से पूर्व चावल के पौधे को निष्पत्रित कर देते हैं।

3. भारी क्षति के समय, पत्ते बेजान हो कर रंग में श्वेताभ दिखाई देते हैं।

11
Oct

गुंढी बग एवं सकिंग बग

क्षति का प्रकार:

नवजात एवं वयस्क दोनों ही विकासशील अनाज से दूधिया अवस्था में रस सोखते हैं, जिससे  अनाज तुषमय, खाली हो जाता है एवं कुछ अनाज विकसित होते हैं परंतु कुछ पिसाई के दौरान टूट जाते हैं। 

प्रबंधन:

मेलेथियन या कारबोरिल बुरादा @ 30 कि.ग्रा./हे.।

 

 

 

11
Oct

राईस रूट ऍफिड

क्षति का प्रकार:

1. नवजात एवं वयस्क कोमल जड़ों से रस सोखते हैं।.

2. भारी पर्याक्रमण में अंकुरों का विकास अवरुद्ध हो जाता है, रंग फीका पीला पड़ जाता है एवं फूल नहीं खिलते।.

3. पर्याक्रमण बीजारोपण के 25-30 दिनों के पश्चात, वानस्पतिक अवस्था में आरंभ होता है, एवं परिपक्व होने तक जारी रहता है।

11
Oct

ग्रेन डिस्कलरेशन

लक्षण

1. यह पुष्पगुच्छी के प्रारंभिक चरण के समय पर होता है। 

2.  इस समय पर अनाज का रंग सामान्यत: सफेद से भूरे में बदल जाता है।

प्रबंधन 

1. 6 घंटे के लिए बाविस्टिन (0.2%) या विटावॅक्स (0.2%) के साथ बीज उपचार। 

2. बाविस्टिन 0.1% का छिड़काव करें।

 

 

11
Oct

खैरा डिज़ीज़

लक्षण

1. प्राय: नर्सरी में, मिडरिब के दोनों पक्षों पर क्लोरोटिक/ पत्ते के निचले हिस्से पर पीले धब्बे, प्रतिबंधित जड़ वृद्धि एवं अधिकतर मुख्य जड़ें भूरे रंग की हो जाती हैं।

प्रबंधन 

1. भूमि की तैयारी के समय स्थानांतरण या बीजारोपण से पूर्व 25 कि.ग्रा. झ़ेडएनएसओ4/एच.ए. का उपयोग करें। 

2. यदि फसल संक्रमित है, तो 600-700 लीटर पानी प्रति हेक्टेयर में 5 कि.ग्रा. झ़ेडएनएसओ4 +25  कि.ग्रा. चूने का उपयोग करें। 

 

 

11
Oct

फॉल्स स्मट

कारणात्मक जीव :-  युस्टिलॅगो नोइड़िया वायरस

लक्षण 

1.  फॉल्स स्मट एक पतली चांदी के रंग की त्वचा की परत के अंतर्गत, हल्के हरे रंग के बीजाणु, गोलाकार रूप में शुरू होते हैं। नारंगी बीजाणुओं को उजागर करते हुए गोलाकार फूटते हैं।

2.  समयानुसार बीजाणु गहरे हरे से काले हो जाते हैं। अनाज की फसल के दौरान बीजाणुओं द्वारा अन्य अनाज में सम्मिश्रित हो कर स्मट्स नुकसान पहुँचाते हैं, साथ में पिस कर गुणवत्ता कठिनाइयाँ बढ़ाते हैं एवं क्वथन एवं खाना पकाने के समय विवर्णता का कारण बनते हैं।

प्रबंधन

11
Oct

शीथ ब्लाइट

कारणात्मक जीव : थॅनाटेफ़ोरस क्यूकुमेरिस                            

लक्षण

1. आरंभिक संक्रमण तने पर वॉटर लाइम के पास प्रकट होता है एवं अंडाकार घाव की तरह दिखता है जो अधिकतर सूख कर झुलस जाता है।

2. जड़ों के अतिरिक्त, पौधे के सभी भाग संक्रमण के लिए अतिसंवेदनशील होते हैं। कोष गोलाकार क्षेत्रों में विकसित होते हैं एवं जिन्हें पक्षी घोंसले कहा जाता है उनका कारण बनते हैं।

11
Oct

ब्राउन स्पॉट

कारणात्मक जीव : हेल्मिन्थोस्पोरियम ओराइज़े                      

लक्षण

1. पत्तियों पर कई गहरे भूरे अण्डाकार धब्बे, अंकुर के कोलियोप्टाइल्स को संक्रमित करते हैं एवं पाला का कारण बनते हैं; संक्रमित गूदा मुरझा जाता है।

प्रबंधन

1. बीजारोपण से पूर्व कारबॅन्डाज़िम(2.5ग्रा./कि.ग्रा) के साथ बीज उपचार। 

2. मैन्कोज़ॅब (0.25%) या ऐड़िनोफॉस 0.1% के प्रकार के फफूंदनाशियों से उपचार।

11
Oct

शीथ रॉट

कारणात्मक जीव - मॅग्नापोर्थे सैल्विनिटी               

लक्षण

1. जुताई के पश्चात धान संक्रमित हो जाता है। 

2. आरंभिक संक्रमण पत्ती के कोष में तने पर एवं परिपक्वता की ओर जाते हुए नाल में व्याप्त हो कर ठहराव उत्पन्न कर देता है। 

11
Oct

बॅक्टेरियल लीफ़ ब्लाइट (बीएलबी)

जीवाणु पत्ती पाला के लक्षण                                                

1. क्रॅस्क प्रारंभिक चरण (पौधा मुरझाता एवं सूख जाता है) में होता है, उत्तरकालीन चरण में पाला पत्तियों की नोक से शुरू होते हुए नीचे तक आता है, पीले पुआल, आंशिक रूप से भरा अनाज।

प्रबंधन

1. संतुलित उर्वरक खुराक का उपयोग करें।

11
Oct

राइस ब्लास्ट

स्थानीय नाम :                                                                      

कारणात्मक जीव : मॅग्नापोर्थे ग्रिसिया

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