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Crop Protection

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19
Jul

நெல் வயலில் எலிகளை கட்டுப்படுத்தும் வழிமுறைகள்!

நெல் வயலில் எலிகளைக் கட்டுப்படுத்தும் வழிமுறைகளை அறிந்து அவற்றை முறையாகச் செயல்படுத்தினால் விவசாயிகளுக்கு ஏற்படும் மகசூல் இழப்பை முழுவதும் தடுக்க முடியும் என வேளாண் துறை அறிவுறுத்தியுள்ளது.
 
இதுதொடர்பாக, வேளாண்மை உதவி இயக்குநர் எஸ். சத்தியஜோஸ் கூறியது:
 
தமிழகத்தில் 4 வகையான வயல் எலிகள் காணப்படுகின்றன. நெல் வயலில் பொதுவாக விதை ஊன்றிய நாள்முதல் அறுவடை வரையிலும், விதை, தானியங்கள் சேமித்து வைக்கும் கிடங்குகளிலும் எலிகளால் தொடர்ந்து சேதமேற்படுகிறது. நெல் வயலில் கதிர் விளையும் தருணத்தில் நெற்கதிர்களைக் கத்தரித்து எலிகள் தங்களது வளைக்குள் கொண்டு சென்றுவிடுகின்றன.
 
ஓர் இணை எலிகள் மூன்று ஆண்டுகளில் 35 கோடி எலிகளாகப் பெருகும். எலிகளின் எண்ணிக்கை அதிகமாகும்போது அதன் பாதிப்பும் அதிகமாகும். எனவே, எலிகளைக் கட்டுப்படுத்த ஒருங்கிணைந்த தடுப்பு முறைகளைக் கையாள வேண்டியது அவசியம்.
 
பயிரிடத் தொடங்கும் முன்பு வயல் வரப்புகளில் காணப்படும் எலி வளைகளைத் தோண்டி அதில் ஒளிந்துகொண்டிருக்கும் எலிகளை அழிக்க வேண்டும். வயலில் வரப்புகளை முடிந்தளவு குறுகியதாக அமைக்க வேண்டும். இந்த வகையில் வரப்பு அமைத்தால் எலிகளால் வளைகள் அமைக்க முடியாது. எலிகள் மறைந்து தங்கிவாழ இடமளிக்கும் வைக்கோல் போர்களை வயல்களுக்கு அருகே வைக்கக்கூடாது.
 
வயல்களிலும், வரப்புகளிலும் காணப்படும் களைகளையும் செடிகளையும் அப்புறப்படுத்த வேண்டும். இல்லையெனில் அவை எலிகளுக்கு மறைந்து வாழும் புகலிடமாக அமையும். கதிர் வெளிவரும் தருணத்தில் எலிகள் நடமாட்டம் அதிகமாகக் காணப்பட்டால் தஞ்சாவூர் வில் எலிக் கட்டிகளை ஹெக்டேருக்கு 50 என்ற அளவில் வரப்பிலிருந்து 3 மீட்டர் விட்டு கிட்டிக்கு கிட்டி 5 மீட்டர் இடைவெளியில் வைக்க வேண்டும். கிட்டியில் பயன்படுத்தப்படும் நெல் பொரியுடன் சிறிதளவு வறுத்த எள்பொடியையும் கலந்தால் எலிகள் அதிகளவில் கிட்டியில் விழும் வாய்ப்பு உள்ளது.
எலிகளால் சேதம் அதிகமாகும்போது அவற்றைக் கட்டுப்படுத்த ஜிங் பாஸ்பைடு உள்ளிட்ட நச்சுமருந்துகளைப் பயன்படுத்த வேண்டும்.
நெற்பொரி அல்லது வறுத்த கம்பு மாவு, சோள மாவு, கேள்வரகு மாவு 97 கிராம், தேங்காய் எண்ணெய் அல்லது சமையல் எண்ணெய் 1 கிராம், ஜிங் பாஸ்பைடு 2 கிராம் என்ற அளவில் நன்றாகக் கலந்து தேங்காய் மட்டைகளிலோ, சிரட்டைகளிலோ எலிகள் நடமாட்டம் அதிகமாகக் காணப்படும் பகுதிகளில் ஹெக்டேருக்கு 50 இடங்களில் வைக்க வேண்டும்.
நச்சு கலந்த உணவு வைக்கப்படும் முன்பு 2 அல்லது 3 நாள்கள் நச்சு கலக்காத நல்ல உணவுப் பொருள்களை வைத்து எலிகள் அவற்றை தின்கின்றனவா என்பதை உறுதிசெய்த பின்னரே நச்சு மருந்து கலந்த உணவை வைக்க வேண்டும். மூன்று அல்லது 4 நாள்களுக்கு மட்டும் நச்சு உணவு வைத்துவிட்டு நிறுத்திவிட வேண்டும்.

Source: Dinamani (Tirunelveli) 17th July 2014 

22
Sep

स्टेम बोरर के लिए प्रतिरोधी प्रकार, स्टेम बोरर का प्रबन्धन

रत्ना, सास्याश्री और विकास 

स्टेम बोरर का प्रबन्धन

1. राइस बोरर प्रबन्धन में शामिल हैं कल्चरल, होस्ट प्लांट रेसिस्टेंट, केमिकल बायोलॉजिकल और केमिकल विधि। 

 

 

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IPM –NCIPM निबन्ध
22
Sep

ग्रीन लीफ होपर का वर्गीकरण

वर्ग         :   इंसेक्टा Insecta

क्रम        :   होमोप्टेरा Homoptera

फैमिली   :  सिकाडेल्लीडे Cicadellidae

जीनस     :  नेफोटीटिक्स Nephotettix  

स्पीसीज  : विरेसेन्स virescens 

 

 

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फील्ड रेडी रेकनर
22
Sep

ग्रीन लीफ होपर परभक्षियों की जैव-पारिस्थितिकी

 

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IPM –NCIPM निबन्ध
22
Sep

गन्धी कीट का प्रसार

1. गन्धी कीट की तीन स्पीसीज भारत में धान की फसल को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार है।  

•लेपटो कोरिसा ओरटोरियास Leptocorisa oratorius  (L.acuta), 

•एल. वारिकोर्निस L. varicornis and 

•एल. लेपिडा L.lepida  

उनके अलग-अग क्षेत्र होते हैं जहां वे प्रमुख अथवा नगण्य कीट के रूप में पाए जाते हैं।

2.आसाम, बिहार, दिल्ली, केरल, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, तमिलनाडु तथा उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में प्रमुख है जबकि केरल, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, तमिलनाडु तथा प. बंगाल के भागों में  L.ornatus गंभीर रूप से पाया जाता है। .

 

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IPM –NCIPM निबन्ध
22
Sep

गन्धी कीट का जीवनचक्र

अंडे:                                                                                        

अंडे प्राय: एक ही पंक्ति में दिए जाते हैं, खासकर पत्ती के मध्य-नस पर। 

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IPM –NCIPM निबन्ध
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फील्ड रेकनर
22
Sep

राइस गन्धी कीट का होस्ट विस्तार

BODY

1. बहुत से घास और यहां तक कि डायकॉटीलिडोनस (dicotyledonous) पौधों को होस्ट के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।  

2. विभिन्न घासों का एकैनोक्लोआ कोलोना Echinocloa colona सफल उत्तरजीविता और प्रजनन के लिए विशिष्ट होस्ट माना गया है। 

3. जब खेतों में असमान रूप से दाने पकते हैं तब कीटों का सफलतापूर्वक गुणन देखा गया है और वे अगात फूल वाली किस्म से पछात फूल वाली किस्मों वाले खेतों की ओर चले जाते हैं। 

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IPM –NCIPM निबन्ध
22
Sep

गन्धी कीट द्वारा हुई क्षति की प्रकृति

BODY

1. दाना निर्माण के शुरुआती समय में वयस्क और नवजात कीट नवविकसित दानों का रस चूसते हैं।  

2. दानों के निर्मण से पहले छोटे दूदेदार पत्ते और कलियों पर भी हमले होते हैं। पुष्प-गुच्छ में खाली अथवा चुकटे हुए दाने की उपस्थिति से पर्याक्रमण का पता चलता है। 

3. दाने में एक छिद्र पाया जाता है और उस छिद्र के आसपास एक भूरे रंग का धब्बा प्रकट हो जाता है जिसके कारण पुष्प-गुच्छ बदरंग दीखता है। 

 

 

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IPM –NCIPM निबन्ध
22
Sep

राइस हिस्पा का रासायनिक नियंत्रण

1.ट्रियाजोफोस triazophos 40 EC @ 400 मिली/हेक्टेयर अथवा  

फोसलों Phosalone 35 EC @ 850  मिली/हेक्टेयर अथवा

कलोरपाईरीफास Chlorpyriphos 20 EC @ 1500  मिली/हेक्टेयर अथवा

क्वीनालफास Quinalphos 25 EC @ 1200  मिली/हेक्टेयर अथवा 

मोनोक्रोटोफास Monocrotophos 36 WSC @ 850  मिली/हेक्टेयर अथवा  

इथोफेनप्रोक्स Ethofenprox 10 EC @ 450  मिली/हेक्टेयर अथवा

फिप्रोनिल Fipronil 5 SC @ 600  मिली/हेक्टेयर का छिड़काव करें। 

2.कार्बिफ्युरान Carbofuran 3G @ 25 किग्रा /हेक्टेयर का प्रयोग करें। 

 

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IPM –NCIPM निबन्ध
22
Sep

राइस हिस्पा का कल्चरल नियंत्रण

1. आरंभिक वानस्पतिक अवस्था में अंडे और ग्रब्स द्वारा फसल के अत्यधिक क्षतिग्रस्त पत्ते को ऊपर से तीन-चौथाई काट कर नष्ट करने से इसके जनसंख्या कम हो जाती है।

2. हिस्पा के अत्यधिक प्रभाव की स्थिति में, नाइट्रोज के उपरिवेशन की प्रक्रिया छोड़ दें। ध्यना दें कि कीट के नियंत्रित हो जाने के बाद यदि नाइट्रोजन का उपरिवेशन किया जाए तो इसकी संख्या पुन: बढ़ सकती है।

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IPM –NCIPM निबन्ध
22
Sep

राइस हिस्पा द्वारा हुई क्षति की प्रकृति और लक्षण

BODY

1. वयस्क भौड़े पत्ते के त्वचीय ऊतकों को खाते हैं और मोटा कीट पत्ते के ऊतक में सुराख बनाकर उसमें प्यूपा को जन्म देते हैं।  

2. भौंड़े लेमिना के शिरों के बीच क्लोरोफिल को कुरेदते हैं जिसके कारण सफेद रंग की समांतर धारियां बनती हैं। बाद में,  यहां तक कि पत्ते के शिरे को अन्धाधुन्ध खाने के कारण पत्ते पर सफेद छाले दिखाई देने लगते हैं।

3. गंभीर रूप से संक्रमित पत्ते सूख जाते हैं और फसल झुलसा हुआ दिखाई देने लगता है।  

 

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IPM –NCIPM निबन्ध
22
Sep

राइस हिस्पा की जैवपारिस्थितिकी

1. मादा भौंड़े पत्ते के नर्म हिस्से को कुतरती है और मेसोफिल के अन्दर अंडे देती है। एक मादा कीट 33-101 अंडे देती है।  

2. अंडे सेने की अवधि 3-5 दिनों की होती है।  ग्रब्स 4 बार मोल्ट होता है और लार्वा की अवधि 10-15 दिनों की होती है। प्यूपा के अवधि 4-6 दिनों के एहोती है और वयस्क 78 दिनों तक जेवित रहते हैं। 

3. छोटे बर्रे अंडे और लार्वा पर हमला करते हैं। reduviid कीट वयस्कों को खाते हैं। तीन फफूंदी रोगजनक (पैथोजन) होते हैं जो वयस्कों पर हमला करते हैं।

 

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IPM –NCIPM निबन्ध
22
Sep

राइस हिस्पा का विस्तार

1. पहले, एक छोटा विनाशक कीट, Hispa (Dicladispa armigera) अब चावल का एक प्रमुख कीट बन गया है खासकर भारत के उत्तर-पूर्वी, पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में।

2. आसाम, बिहार, प. बंगाल, मध्य प्रदेश और आन्ध्र प्रदेश में हिस्पा एक प्रमुख विनाशक कीट के रूप में पाया जाता है।

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22
Sep

राइस हिस्पा ( Rice Hispa) का वर्गीकरण ( Dicladispa armigera )

वर्ग      : इन्सेक्टा

क्रम      : कोलियोप्तेरा Coleoptera 

फैमिली :  क्रयीसोमेंलीडे Chrysomelidae 

जीनस  :    डैक्लाडिस्पा Dicladispa 

स्पीसीज :  आर्मिजेरा armigera 

 

File Courtesy: 
फील्ड रेडी रेकनर
22
Sep

राइस रूट एफिड का प्रबन्धन

1. ऐसे प्राकृतिक शत्रु हैं जो राइस रूट एफिड की संख्या को नियंत्रित कर सकते हैं।

2. नवजात और वयस्क दोनों का एक छोटे ब्रैकोनिड बर्रे द्वारा भक्षण किया जाता है और mermithid निमेटोड्स का भौंड़ों द्वारा शिकार कर लिया जाता है।

File Courtesy: 
http://rkb.irri.org/RiceDoctor/index.php?option=com_content&view=निबन्ध&id=598&Itemid=2820
22
Sep

राइस रूट अफिड द्वारा हुई क्षति की प्रकृति और लक्षण

1. हमले हुए पौधों पीले पड़ जाते हैं और पत्ते का शीर्ष सूख कर मुड़ जाते हैं।

2. पौधे के निकट की मिट्टी भुरभुरी हो जाती है और अफिड के साथ चींटियां बहुतायत से पाई जाती हैं।

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबन्ध
22
Sep

जैव राइस रूट एफिड की पारिस्थितिकी

1. मादा बिना निषेचन के ही प्रजनन करती है और पंख अथवा बिना

पंख वाली कीट के रूप में विकसित होती है। वयस्क चींटियों द्वारा जड़ के आसपास बनाए गए गुहाओं में रहते हैं और वयस्क अपने संपूर्ण जीवनकाल में 35-40 जन्म देते हैं। 

2. अत्यधिक पर्याक्रमण की स्थिति में, पंख वाले कीट विकसित होते हैं और स्थना परिवर्तन के लिए पत्तों पर चढ़ जाते हैं। 

3.Braconid wasp,a mermithid निमेटोड्स तथा भौंड़े प्रमुख प्राकृतिक शत्रु हैं। 

File Courtesy: 
IPM –NCIPM निबन्ध
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फील्ड रेकनर
22
Sep

राइस रूट अफिड का विस्तार

भारत में चावल की ऊंची भूमि वाली खेतों में राइस रूट एफिड प्रमुखता से पाए जाते हैं।

22
Sep

राइस रूट एफिड ( Rice Root aphid) का वर्गीकरण (Tetraneura nigriabdominalis)

वर्ग     : इन्सेक्टा Insecta

क्रम     : होमोपटेरा Homoptera 

फैमिली    : अफिडीडे Aphididae 

जीनस    : टेट्रान्यूरा Tetraneura 

स्पीसीज  : नैग्रिया अबडोमिनालिस nigriabdominalis 

 

File Courtesy: 
फील्ड रेडी रेकनर
22
Sep

राइस मीली बग का जैव नियंत्रण

1. जैव नियंत्रण द्वारा राइस मीली बग को कम किया जा सकता है। छोटे बर्रे मीली बग को खाते हैं।

2. मकड़ी, क्लोरोपिड कीट, ड्रोसोफिलिड तथा भौंड़े मीली बग के परभक्षी होते हैं।

File Courtesy: 
http://www.knowledgebank.irri.org/ricedoctor/index.php?option=com_content&view=निबन्ध&id=611&Itemid=2807
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