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10
Oct

Rice Leaf roller राइस लीफ रोलर

1. लीफरोलर या लीफ फोल्डर (Cnaphalocrocis medinalisi) उच्चभूमि और

 निम्नभूमि चावल की फसलों में पाया जाने वाला सामान्य कीट है।

2. लार्वा पत्र फलक के किनारे को बांधकर उसे मोड़् देता है और उसके अन्दर रहकर मेसोफिल या हरित पदार्थ को खाता रहता है। 

3. लार्वा द्वारा खाए जाने के कारण पत्ती के उत्पादक क्षेत्रफल में कमी आती है और इससे पौधे की वृद्धि प्रभावित होती है। फसल में इसका अधिक प्रकोप होने से पौधों में सफेद धब्बे के साथ खेत का रुग्ण दिखाई पड़ता है। 

4. यदि इसका प्रकोप बूट लीफ अवस्था तक हो तो इस कारण फसल को भारी नुकसान पहुंचता है। मॉथ का रंग भूरा-नारंगी होता है जिसमें गहरे रंग के दो और एक सुस्पष्ट लहरदार धारियां भूरे रंग के अगले और पिछले डैनों पर दिखाई पड़ते हैं।  

5. पत्ते की निचली सतह पर अंडे एक-एक की संख्या में अलग-अलग रहते हैं।

6. जीवन चक्र कुल 25-40 दिनों का होता है। धान की

10
Oct

Rice stem borer राइस स्टेम बोरर

1. स्टेम बोरर  (Scirpophaga incertulus) चावल का एक प्रमुख कीट है

और यह इस सारे क्षेत्र में पाया जाता है। मादा मॉथ के अगले डैने चमकीले पीले रंग के होते हैं और प्रत्येक पर एक काला धब्बा होता है। साथ ही पीले बालों वाले एनल टफ्ट भी पाया जाता है।

2. नर कीट के अगले डैने पर काले धब्बे नहीं पाए जाते। अंडे पत्तियों की छोर पर दिए जाते हैं जो पांडु रंग के रोम से ढके होते हैं। प्रत्येक अंडे के ढेर में 20-25 अंडे होते हैं और मादा ऐसे 3-4 अंडों के ढेर उत्पन्न करते हैं।

3. अंडे सेने की अवधि 6-8 दिनों की होती है और नया विकसित लार्वा पत्रावरण में प्रवेश कर जाते हैं। वहां से वे पौधे के नोडल क्षेत्र के निकट छेद कर अन्दर प्रवेश कर जाते हैं। 30-40 दिनों में लार्वा पूर्ण विकसित हो जाते हैं और इनकी अंतिम लंबाई 2 सेमी तक होती है।

4. प्यूपा गहरे भूरे रंग के होते हैं और यह अवस्था 6-10 दिनों की होती है।

5. लार्वा तने के

इस क्षेत्र में चावल की फसल को नुकसान पहुंचाने वाले आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण (हानिकारक) कीट:  

1.  स्टेम बोरर 

2.  लीफरोलर

3.  केसवर्म 

4.  आर्मीवर्म

5.  थ्राइप्स

6.  गॉल मिज 

7.  राइस हिस्पा

8.  राइस ईयर कटिंग कैटरपिलर

9.  राइस ग्रीन सेमी लूपर

10. गन्धी बग

11. रूट ऐफिड्स

12. हॉर्न्ड कैटरपिलर

13. स्किपर

14. स्लग कैटरपिलर

 

1. जीव-जंतुओं की जितनी भी प्रजातियां हैं उनमें दो तिहाई कीट होते हैं। वे प्रायः सभी प्रकार वातावरण में पाए जाते हैं। यदि जलवायविक दशाएं अनुकूल हों तो वे अपनी संख्या बड़ी तेजी से बढ़ाते हैं। 

2. भारत के उत्तरपूर्वी प्रदेशों में कीट बांकी सभी जंतुओं की तुलना में बहुतायत से और विविधता में पाए जाते हैं। उत्तर-पूर्व के क्षेत्रों में 6000 से भी अधिक प्रजातियों के कीट एकत्र किए किए गए हैं और विभिन्न फसलों में 1000 से भी अधिक की पहचान की गई है (Shylesha et ai, 2006)। 12 से भी अधिक संख्या में ऐसे महत्वपूर्ण कीट हैं जो चावल की फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। स्टेम बोरर, गन्धी बग, लीफ एंड प्लांट होपर और हिस्पा जैसे कीट उत्तर-पूर्व के सभी राज्यों में चावल की फसल में लगते हैं।   

 

 

1. ओवरऑल डायमेंशन (lxwxh), मिमी: 1740:200:940

2. भार: 6.7 किग्रा.

3. उपकरण की लागत: 450रु.

4. परिचालन के लिए आवश्यक व्यक्तियों की संख्या :1

5. गैंग की संख्या : 2

 

1. चावल की फसल के लिए सेल्फ प्रोपेल्ड वीसीआर के निष्पादन का घाटी

क्षेत्र के किसानों के खेतों में प्रदर्शन किया गया। 2007 की कटाई के दिनों में कुल 2.0 हे. क्षेत्र में इसे इस्तेमाल कर दिखाया गया।

2. पावर श्रोत  :  2 एचपी इंजन

3. ओवरऑल डायमेंशन (lxwxh), मिमी :  2450x1200x1000

4. भार: 145 किग्रा.

5. निर्माता: वरदान

 

1. पावर स्रोत : 2 एचपी मोटर                                     

2. निर्माण  : NEH

3.ओवरऑल डायमेंशन (L x W x H),मिमी 850750750

4 थ्रेशिंग सिलिंडर का प्रकार :  वायर-लूप टाइप

5. सिलिंडर का आकार, मिमी - 400 X 580 (DXL)

6. थ्रेशिंग प्रणाली का विवरण:  लकड़ी की 12 पट्टियों पर स्टेज विन्यास में 12लूप और 13 लूप एकांतर रूप में लगे होते हैं। 

 

1. हाथ से चलने वाले धान-रोपनी यंत्र (मैनुअल पैडी ट्रांसप्लांटर) की जांच

की गई है और इसे आर्द्र भूमि धान के रोपण के लिए उपयुक्त पाया गय है।

2. इस यंत्र के लिए खेत में कीचड़ अच्छी तरह तैयार किया गया होना चाहिए। कीचड़ के अच्छी तरह तैयार होने पर इससे बिचड़ों को सही ढंग से रोपने में सहूलियत होती है। 

3. बिचड़े खास प्रकार की मैट टाइप की नर्सरी में तैयार किए जाने चाहिए। यह यंत्र अपनी इन दोनों पूर्व-आवश्यकताओं के कारण उत्तर-पूर्व के किसानों के बीच लोकप्रिय नहीं हो पाया है।

4. इस रोपण यंत्र की फील्ड क्षमता 0.015-0.08 हे./घंटा है, जहां पौधे से पौधे की दूरी 20 सेमी. रखी जाती है।

 

 

1. हाथ से चलने वाला चारा कटाई यंत्र  M/s सनलाइट इंडस्ट्रीज, बाराबंकी,

उ.प्र. द्वारा निर्मित है और विभिन्न परीक्षणों के दौरान इसे मशरूम उत्पादन और पशुओं के चारे के लिए पुआल (और हरे चारे) की कटाई के  लिए उपयुक्त पाया गया है।  

2. इसकी क्षमता सूखे चारे के लिए 0.6-0.8 क्विंटल/घंटा और हरे चारे के लिए 1.2-1.4 क्विंटल/घंटा है। इसे चलाने के लिए दो लोगों की जरूरत पड़ती है।

 

 

10
Oct

Improved Sickle उन्नत हंसिया

1. यह दंतुरित फलक वाला हंसिया है जिसकी मदद से घास और धान, गेहूं,

मक्का जैसी विभिन्न प्रकार की फसलों की कटाई की जा सकती है। 

2. इसके लकड़ी का हत्था बेहतर पकड़ और घाव लगने के बचाने के लिए थोड़ा मुड़ा होता है। इसके फलक में खुद से धार किया जा सकता है।

3. इसकी औसतन फील्ड क्षमता 0.018 हे./घंटा होती है और स्थानीय हंसिए की तुलना में यह 26% श्रम एवं समय की बचत कराता है।

 

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