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धान की खेती की मृदाऍं सामान्य त: दो प्रकार की होती हैं।

1. बहुत महीन/बारीक पीली दूमट जिसका स्थाउनीय नाम मतासी है एवं जो धान की एकल फसल के लिये बहुत अच्छीो मानी जाती है।

2. फीके रंग की मतासी एवं गहरे रंग की कन्ह र का मिश्रण जिसका रंग गहरा स्लेनटी होता है एवं जिसे डोरसा कहते हैं तथा जो धान के बाद दालों की एक रबी फ़सल लेने में मदद करती है।

बहुत गहरी कन्होर मृदाऍं धान की खेती के लिये उपयुक्त नहीं मानी जाती हैं।

मृदा स्‍थानीय नाम (रायपुर) स्‍थानीय नाम (जगदालपुर) रेत डोरसा (भूरी) माल कीचडयुक्त मतासी (पीली) टीकरा चिकनी मिट्टी    कन्‍हर (काली) गभार दूमट   भाटा   मरहन

मौसमी नाम स्‍‍थानीय नाम बुवाई का समय कटाई का समय खरीफ़ खरीफ़ आरंभि‍क खरीफ़- मार्च-मई मध्‍य खरीफ़ जून-अक्‍तूबर जून-अक्‍तूबर   नवंबर-फरवरी रबी रबी नवंबर-फरवरी   मार्च-जून

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