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कम से कम एक वर्ष तक के लिये अनाज को बीज बनाने के उद्देश्य  से संग्रहित किया जाता है। अनाज को विशिष्टक भंडारण संरचना में संग्रहित किया जाता है। भंडारण किये गये अनाज में लगने वाले कीड़े को प्रमुख विनाशकारी कीट माना जाता है।

a.परंपरागत भंडारण संरचना के प्रकार

स्‍थानीय स्वारूप में उपलब्धत सामग्री से बनी हुई परंपरागत संरचनाओं में अनाज का अधिकतर भंडारण किया जाता है। जैसे:-

1. धान का भंडारण मृदा/मिट्टी से बनी हुई कच्चीर कोठी/मटके में किया जाता है।

2. धान की तूड़ी से बनी हुई भूसी में धान का भंडारण किया जाता है।

3. धान का भंडारण बॉंस से बनी हुई ढोलंगी में भी किया जाता है।

b. धान की भंडारण संरचना में अपनाए गए उपचार

परंपरागत भंडारण संरचना में धान के भंडारण के बाद अनाज की सुरक्षा के लिये कुछ अतिरिक्ता प्रयास करने पड़ते हैं:-

1. अनाज को धान की तूड़ी से ढ़कने के

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Oct

अनाज भंडारण पध्द ती

1. अनाज की फसल को आनेवाले समय में खाने के लिये एवं बीज

के उद्देश्यी से संरक्षित रखा जाता है। इस क्षेत्र में अधिकतर धान का भंडारण किया जाता है, जिसे विविध प्रकार के भंडारण संरचनाओं में रखा जाता है।  

2. विविध प्रकार की भंडारण संरचनाएँ, जलवायु परिस्थितियॉं एवं संरचनाओं को बनाने के लिये आवश्याक सामग्री की उपलब्धडता पर निर्भर होती हैं। भंडारण की संरचना का प्रकार भंडारण के उद्देश्य‍ के अनुसार अलग-अलग प्रकार का होता है जैसे अनाजों में प्रमुख भंडारण कीट विस्ताउर निम्नशलि‍खित प्रकार का होता है – बीज, खाद्यान्नन एवं अनाज की बिक्री। 

3. छत्तीसगढ़ के किसान अनाज के पतंगे को अनाजों का सब से बड़ा शत्रु एवं चूहे को भंडारण किये गये सभी तरह के अनाज का सब से गंभीर विनाशक मानते हैं। किसानों के द्वारा भंउज्ञरण किया जानेवाला सब से प्रमुख अनाज धान होता है, जिसका भंडारण

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