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चावल+अरहर(5:2) और अरहर+मूंगफली - Rice + Pigeonpea (5:2) and Pigeonpea + Groundnut farming system

1. वर्षा वाली उच्च-भूमि में चावल+अरहर(5:2) और अरहर+मूंगफली (2:6) प्रणाली को उड़ीसा और झारखंड राज्यों में किए गए अनेक ऑन-फार्म परीक्षणों में केवल चावल की तुलना में अधिक लाभकारी पाया गया।

2. यह सरल तकनीक वर्षा पर निर्भर रहने वाले किसानों के लिए बहुत उपयोगी और लाभकारी है तथा साथ ही यदि मिशन-मोड तरीका अपनाया जाए तो इससे दलहन के उत्पादन में भी सहायता मिलती है।

एकीकृत चावल-मछली-बतख पालन और चावल-मछली-सूअर पालन ( Integrated rice-fish-duck and rice-fish-pig farming system)

1.एकीकृत चावल-मछली-बतख पालन और चावल-मछली-सूअर पालन की कृषि-प्रणाली का झारखंड, छत्तीसगढ़ और प. बंगाल राज्यों के आदिवासी क्षेत्रों में 30 किसानों के खेतों में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया।

2. चावल-मछली-बतख प्रणाली में निवेश किए धन से 1.45 से लेकर 6.24 तक तथा चावल-मछली-सूअर प्रणाली में 1.55 से लेकर 3.69 तक लाभ की प्राप्ति हुई।

3. इस कृषि प्रणाली ने झारखंड और प. बंगाल के विकास विभागों में काफी दिलचस्पी पैदा की। इनमें से एक मॉडल को झारखंड के दुमका में ATMA परियोजना द्वारा अपनाया गया।

झारखंड राज्य की चावल आधारित कृषि प्रणालियां - Rice based farming Systems of Jharkhand

झारखंड राज्य की चावल आधारित कृषि प्रणालियां

1. एकीकृत चावल-मछली-बतख पालन और चावल-मछली-सूअर पालन

2. चावल+अरहर(5:2) और अरहर+मूंगफली

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