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• शीर्षक :  कृषि सांख्यिकी और नीति निरूपण का सुदृढ़ीकरण।

• प्रकार : केन्द्रीय क्षेत्र

• उद्देश्य :  इस योजना के मुख्य उद्देश्य हैं: (i) अनुसंधान गतिविधियों के मानकों को बेहतर करना, (ii) नीति निर्धारण के लिए विश्लेषणात्मक क्षमता में सुधार, (iii) नवीनतम तरीके अपनाना और (iv) कृषि सांख्यिकी के संकलन में शामिल कर्मियों के लिए नवीनतम जानकारी का प्रसार करने और उनके कौशल/ तकनीकों में सुधार की दृष्टि से कार्यशालाओं और सेमिनारों का आयोजन।

• मुख्य विशेषताएं :  (i) कृषि सांख्यिकी के सुधार के लिए अखिल भारतीय स्तर पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन, (ii) कृषि सांख्यिकी के संकलन के लिए बुनियादी ढांचे/आदानों में सुधार, (iii) यह योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय के मुख्यालय पर संचालित की जाती है।

• सहायता के पैटर्न :  यह एक नियोजित योजना है जिसमें 100% अनुदान-सहायता कृषि मं

• शीर्षक :  विशेष डेटा प्रसार मानकों के लिए कृषि उत्पादन का तिमाही आकलन (SDDS)

• प्रकार :  विशेष डेटा के प्रसार मानकों के तहत अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को प्रदान करने के लिए सीएसओ द्वारा त्रैमासिक सकल घरेलू उत्पाद के संकलन में उपयोग हेतु फसल उत्पादन का त्रैमासिक आकलन।

• उद्देश्य :  एक तिमाही में फसलों के उत्पादन का अनुमान मौसम-वार उत्पादन के अनुमानों के साथ अन्य सहायक जानकारी जैसे कि फसल कैलेंडर आदि के साथ किया जाता है। राज्यवार फसल के कैलेंडर को अनुमानों को बेहतर करने के लिए अद्यतन किया जाता है। फसल उत्पादन के तिमाही अनुमान सीएसओ को प्रति तिमाही प्रदान किए जाते हैं।

• मुख्य विशेषताएं : यह कृषि मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 100% अनुदान सहित कर्मचारी उन्मुख योजना है।

• सम्पर्क किए जाने वाले व्यक्ति : आर्थिक व सांख्यिकीय सलाहकार, आर्थिक व सांख्यि

• शीर्षक :फसल के पूर्वानुमान के लिए राष्ट्रीय केन्द्र (एनसीसीएफ)

• प्रकार : केन्द्रीय क्षेत्र

• उद्देश्य : (क) प्रमुख फसलों के लिए समय-समय पर फसल का पूर्वानुमान और (ख) विभिन्न तरीकों का समन्वय और उन्हें आत्मसात करना

• मुख्य विशेषताएं : (क) विभिन्न संगठनों द्वारा उत्पन्न जानकारी को एकत्र कर प्रमुख फसलों के लिए समय-समय पर फसल की भविष्यवाणी। (ख) डाटा प्रवाह, एकत्रीकरण, विश्लेषण और आँकड़ों के प्रसार को शामिल कर देश में पूरी फसल पूर्वानुमान प्रणाली के लिए प्रभावी एकीकृत संस्थागत ढांचा उपलब्ध कराना। (ग) उन्नत कम्प्यूटेशनल सुविधाओं की मदद से उच्च स्तर का सांख्यिकीय कौशल शामिल विभिन्न स्रोतों और उन्नत सांख्यिकीय विधियों के अनुप्रयोग से विशाल डाटा बेस एकत्रित करना। (घ) डेटा स्रोत एजेंसियों और विधिवत विकास के साथ परस्पर व्यवहार और कुशल नीति नियोजन के लिए

• शीर्षक : फसल के आंकडों में सुधार (आईसीएस)

• प्रकार : इस योजना का उद्देश्य के लिए जगह पर इनके पर्यवेक्षण द्वारा फसल के आँकड़ों में सुधार लाना है: i) क्षेत्र गणन, ii) क्षेत्र एकत्रीकरण, और iii) 10,000 गांवों में फसल काटने के प्रयोग। पर्यवेक्षण केन्द्र और राज्य द्वारा समान रूप किया जाता है (केंद्रीय एजेंसी एनएसएसओ द्वारा 5000 गांव और राज्य मशीनरी द्वारा 5000 गांव)। • उद्देश्य :केन्द्र द्वारा प्रायोजित

• मुख्य विशेषताएं : भारत में, फसलों के अंतर्गत क्षेत्र के अनुमान सभी भूमि अभिलख वाले राज्यों में ग्राम राजस्व एजेंसियों द्वारा खेत दर खेत निरीक्षण कर पूरी सूची बनाने की विधि से और जिन राज्यों में भूमि के उपयोग के रिकॉर्ड नहीं हैं उनमें नमूना सर्वेक्षण द्वारा प्राप्त किए जाते हैं। प्रमुख फसलों की उपज के अनुमान यादृच्छिक नमूने, सामान्य फसल सामान्य फसल अनुमान सर्वेक्षण

• शीर्षक : कृषि सांख्यिकी की रिपोर्टिंग के लिए एक एजेंसी (EARAS) की स्थापना

• प्रकार : विशेष स्टाफ के माध्यम से हर मौसम में 20% चयनित गांवों में सर्वेक्षण के माध्यम से क्षेत्र और प्रमुख फसलों के उत्पादन का अनुमान उत्पन्न करना। नमूना गांव में फसल क्षेत्र की रिपोर्ट सभी खेतों/ सर्वेक्षण संख्या की पूरी सूची के आधार पर तैयार की जानी है। सर्वेक्षण विशेष रूप आवश्यक हैं क्योंकि इन राज्यों में कोई एजेंसी भूमि उपयोग के आँकड़े का अद्यतन करने के कार्य में लिप्त नहीं है।

• उद्देश्य : केन्द्र द्वारा प्रायोजित

• मुख्य विशेषताएं : भूमि रिकॉर्ड रहित राज्यों में, राज्य एजेंसियां भूमि के उपयोग का रिकॉर्ड अद्यतन नहीं करती हैं और इसलिए वहाँ डेटा में अंतर होता है। यह योजना बुनियादी भूमि उपयोग के आँकड़े उत्पन्न करने के लिए हर साल गांवों के 20% का एक नमूना शामिल करने के लिए एक

• शीर्षक : सीएसीपी के नियोजन-मूल्यांकन/ शोध अध्ययनों का विकेन्द्रीकरण

• प्रकार : केन्द्रीय क्षेत्र

• उद्देश्य : इस योजना का उद्देश्य कृषि से सम्बन्धित वस्तुओं के उत्पादन और वितरण की लागत के अनुमान पर एक डाटा बैंक रखना है।

• मुख्य विशेषताएं : (क) व्यापक योजना के तहत उत्पन्न खेती की लागत के डेटा का पुनः-सारणीकरण और विश्लेषण। (ख) कृषि व्यापार नीति सम्बन्धी मामलों और उसके विश्लेषण पर डेटा बैंक का निर्माण। (ग) कृषि मूल्य नीति के लिए सीधे उन्मुख अखिल भारतीय विश्लेषण। (घ) मौसम के चरम स्तर के दौरान बाजार के व्यवहार पर त्वरित अध्ययन की तैयारी। (ङ) अन्य प्रशासनिक व्यय

• सहायता का पैटर्न : 100% अनुदान सहायता।

• सम्पर्क किए जाने वाले व्यक्ति : अध्यक्ष कृषि लागत और मूल्य के लिए आयोग शास्त्री भवन नई दिल्ली

16
Aug

कृषि-आर्थिक अनुसंधान योजना

• शीर्षक : कृषि-आर्थिक अनुसंधान योजना

• प्रकार : केन्द्रीय क्षेत्र

• उद्देश्य : वृहद या सूक्ष्म स्तर पर मंत्रालय द्वारा विशेष रूप से पहचानी गई कृषि-आर्थिक समस्याओं की जांच करना।

• मुख्य विशेषताएं : मंत्रालय ने देश के विभिन्न राज्यों में फैले 15 कृषि-आर्थिक अनुसंधान केन्द्र / इकाईयों को प्रायोजित किया है। जबकि 12 केन्द्रों प्राथमिक डेटा आधारित अध्ययन करते हैं, 3 इकाईयां द्वितीयक डेटा के आधार पर अध्ययन का संचालन करती हैं। ये केन्द्र / इकाईयां उनके संबंधित विश्वविद्यालयों व संस्थानों के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत हैं।

• सहायता का पैटर्न : योजना और गैर-योजना मद के तहत कृषि मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 100% सहायता अनुदान।

• पात्रता : मंत्रालय द्वारा प्रायोजित केवल 15 कृषि-आर्थिक अनुसंधान केन्द्र/ इकाईयां इस योजना के तहत अनुदान के लिए पात्र हैं।

16
Aug

कृषि संगणना

• शीर्षक: कृषि संगणना

• प्रकार: केन्द्र द्वारा प्रायोजित

• उद्देश्य: देश में पाँच वर्ष के अंतराल पर कृषिगत जनगणना और लागत के सर्वेक्षण का संचालन करना। संगणना देश में कृषि की संरचना पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है।

• मुख्य विशेषताएं: संगणनाएं राज्य सरकारों की मशीनरी का उपयोग कर आयोजित की जाती हैं। डेटा संग्रह के लिए ज़मीनी कार्य में लगे राज्य सरकारों के कर्मचारियों को मानदेय का भुगतान किया जाता है। इस योजना के तहत संगणना संचालन के समन्वय के लिए राज्य मुख्यालयों में तैनात नाभिक कर्मचारियों के वेतन पर व्यय भारत सरकार द्वारा वहन किया जाता है। डेटा के प्रसंस्करण की लागत भी भारत सरकार द्वारा वहन की जाती है।

• सहायता का पैटर्न: भारत सरकार द्वारा 100% सहायता

• पात्रता: सभी राज्य

• सम्पर्क किए जाने वाले व्यक्ति: भारत के आर्थिक व सांख्यिकीय

• शीर्षक  : प्राकृतिक आपदा प्रबन्ध कार्यक्रम

• प्रकार :  केन्द्रीय क्षेत्र की योजना

• उद्देश्य  : आपदा में कमी करने, उसका सामना करने की तैयारी और उसे समाप्त करने के लिए राष्ट की क्षमता में वृद्धि करना। इस योजना से यह अपेक्षा भी है कि सम्भावित आपदा के प्रति समुदाय की जागरूकता के स्तर में वृद्धि हो और भविष्य में वे उचित तरीके से संकट का सामना करने के लिए तैयार किए जा सकें।

• मुख्य विशेषताएं : इस योजना के भाग हैं मानव संसाधन विकास, अनुसन्धान व परामर्श सेवाएं, बडी घटनाओं का दस्तावेज़ीकरण, राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर आपदा प्रबन्ध केन्द्र की स्थापना, प्राकृतिक आपदा में कमी के अंतर्राष्ट्रीय दशक के अंतर्गत गतिविधियां व कार्यक्रम, जन जागरूकता अभियान।

• सहायता के पैटर्न  : कृषि मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 100% अनुदान।

• पात्रता : ये गतिविधियां अग्रण

• शीर्षक  : छोटे किसानों का कृषि-व्यवसाय संकाय

• प्रकार :  केन्द्रीय क्षेत्र

• उद्देश्य  : विभिन्न प्रकार के कृषि-व्यवसायों की सहायता से ग्रामीण क्षेत्रों में आय व रोज़गार के निर्माण के लिए नवीन विचारों को प्रोत्साहन।

• मुख्य विशेषताएं  : यह योजना उपर्युक्त उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए छोटे किसानों के कृषि-व्यवसाय संकाय को अनुदान-सहायता के रूप में वित्तीय मदद का प्रावधान रखती है।

• सहायता के पैटर्न  : केन्द्र द्वारा 100% वित्तपोषित।

• संपर्क किए जाने वाले व्यक्ति  : प्रबन्ध निदेशक, छोटे किसानों का कृषि-व्यवसाय संकाय (एसएफएसी), नई दिल्ली।

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