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19
Sep

ट्रांसप्लांटर

1. धान के रोपण के लिए व्यावसायिक रूप से उपलब्ध डिजायनों में से चाइनीज

मॉडल सबसे उपयुक्त माना गया है। यह सेल्फ-प्रोपेल्ड मैट प्रकार का ट्रांसप्लांटर है जो 3-HP डीजल इंजन से चलता है।

2. करात से कतार की दूरी 23 सेमी होती है और पौधे से पौधे के बीच की दूरी 10 या 12 सेमी तय की जा सकती है। हैंडल को क्लॉक वाइज या एंटिक्लॉक वाइज घुमाकर रोपण की गहराई बढ़ाई या घटाई जा सकती है।

3. प्रति मेढ़ पौधे की संख्या 3 से 8 तक बढ़ाई जा सकती है। ट्रांसप्लांटर रबर के टायर पर चलता है और रोपण के लिए लग्ड व्हील लगे होते हैं। यह एक दिन में एक हेक्टेयर रोपण पूरा कर सकता है। इसकी कीमत लगभग 1, 25,000 रु. है।

4. मैट नर्सरी को 15 किग्रा/हेक्टेयर (हाइब्रिड चावल के लिए उपयुक्त होता है) की दर से उन्नत किया जा सकता है और मौजूद ट्रांसप्लांटर से रोपण किया जा सकता है। DDR फार्म में वर्तमान मौसम में खेतों में इस ट्रांसप्ला

1. मशीन में एक खोखला शाफ्ट लगा होता है जिसके ऊपर मीटरिंग तकनीकी के साथ होपर्स का मॉड्युलर यूनिट लगी होती है। शाफ्ट के दोनों ओर दो पहिए लगे होते हैं। प्रत्येक मॉड्युलर यूनिट में एक सीड चैम्बर होता है।

2. पहिया 12 सेल वाले एक रोटर को घुमाता है। सेल्स पूर्व-अंकुरित बीजों को उठाता है और उसमें से 2 या 3 बीजों को ले जाता है। सीड सेल इन बीजों को डेलिवरी फिसलनी में डालता है। खेत में लकीर बनाने वाला हल डेलिवरी फिसलनी पर लगा होता है जो बीज के रोपण को दिशा देता है।

3. 1.6 मीटर की चौड़ाई के ट्रायल वर्किंग के साथ मशीन में 8 मॉड्युलर यूनिट हो सकते हैं। पंक्ति से पंक्ति के बीच की दूरी को मशीन द्वारा समायोजित किया जा सकता है जो अधिकतम 0.20 m x 8 पंक्ति वाला हो सकता है।

4. मशीन को 0.15 मीटर की कतारों के बीच की दूरी के लिए तैयार किया गया है। मशीन की ऊर्जा आवश्यकता को मूल्यांकित करने की जरूरत होती

19
Sep

DRR रो सीडर

1. अंकुरण–पूर्व बीजों को बोने के लिए सीडर में छिद्रण के साथ दो ड्रम लगा होता है

जिसके बीच की दूरी 20 सेमी होती है। सभी होपर्स खोखले चक्राकार पाइप पर लगे होते हैं जो दो पहियों से जुड़ा होता है जिसके दोनों ओर खींचने वाला लगा होता है।

2. संपूर्ण मशीन को हत्थे की मदद से खींचा जाता है। इसके बीच पहियों पर एक मंच बना होता है जिसकी मदद से सतह स्थानीय रूप से समतल होता है और 20 सेमी की दूरी बनाते हुए मेढ़ पर बुआई होती है। बीज की दर आवश्यकतानुसार 20 – 30 किग्रा/एकड़ से बढ़ाया जा सकता है। इसकी लागत लगभग 2500 रु. आती है।

19
Sep

ड्राय सीडर

1. अस्ट्रेलिया और संयुक्त राष्ट्र में, बीज को प्राय: सीडर द्वारा सूखी और

गीली दोनों प्रकार की मिट्टी में बोया जाता है और फिर सिंचाई की जाती है।

2. एशिया में, सूखे बीज का यांत्रिक रोपण व्यवहार में लाया जाता है। अन्य देशों में, चावल के बीज का तैयार क्यारियों में पारंपरिक सीड ड्रिल्स के इस्तेमाल से रोपण किया जाता है।

3. सीड ड्रिलर्स में अनेक प्रकार के क्यारी बनाने वाले होते हैं, जो विभिन्न प्रकार की मिट्टी और फसल अवशेषों के लिए तैयार किया गया है।

4. चिकनी और समतल की हुई क्यारी यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि बीजों को 10 से 15 मिमी से अधिक की गहराई में नहीं बोया गया है।

5. पौधों के बीच की उपयुक्त दूरी खेत में जल की स्थायी आपूर्ति के बाद क्यारी में 35 से 40 पौधे प्रति मीटर होती है।

6. ड्रिल सीडिंग का यह फायदा है कि ऊर्वरक को बुआई के समय भी डाला जा सकता है। मशीन-ड्रि

19
Sep

प्लांटिंग मशीन

प्लांटिंग मशीन में शामिल है:

1. ड्राय सीडर्स

2. DRR रो सीडर्स

3. ट्रांसप्लांटर्स

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