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1. नाइट्रोजनी ऊर्वरक की ऊंची खुराक, निकट-निकट पौधे, और उच्च सापेक्षिक आर्द्रता से प्लांट होपर की जनसंख्या में वृद्धि होती है।  

2. चावल की खेतों से जल को बहाने से प्रारंभिक स्तर पर पर्याक्रमण को प्रभावी रूप से कम किया जा सकता है। जब भारी पर्याक्रमण हो तो खेत से 3 - 4 दिनों तक जल निकास करें।    

3. मुख्य खेत में संकरा रास्ता बनाएं। मुख्य खेत में संकरे रास्ते के प्रावधान के लिए प्रत्येक 2 मीटर के रोपण के बाद 30 सेमी का अंतराल रखें। 

 

प्लांट होपर का प्रबन्धन

राइस प्लांट होपर के प्रबन्धन में शामिल है कल्चरल, होस्ट प्लांट रेसिस्टेंट, जैविक तथा रासायनिक विधियां।

ग्रीन लीफ होपर के प्रति प्रतिरोधी चावल की किस्मों की सूची दी जा रही है:

चैतन्य कृष्णवेणी वज्रम (Vajram) प्रतिंभा मेकोम (Mekom) पविझम (Pavizham) मानसरोवर CO42 चन्दन (Chandana) नागार्जुन सोनासली (Sonasali) रश्मी (Rasmi) ज्योति भद्रा (Bhadra) नीला-अनंगा (Neela Annanga) दया अरुणा (Aruna) कनक (Kanaka) रेम्या भारतीदसन (Bharatidasan) कार्तिक (Karthika) विजेता कॉटन डोरा सनेमू (Cotton Dora Sannalu)  

1. वे चावल की फसल के सभी चरणों में हानि पहुंचाते हैं। वयस्क और नवजात दोनों टिलर के आधार भाग से रस चूसते हैं जिसके परिणामस्वरूप पौधे पीले पड़ जाते हैं और सूख जाते हैं।  

2. फ्लोएम फीडर होने के कारण पौधे के रस से ट्रांसलोकेटिंग पोषण नष्ट हो जाता है जिसके परिणामस्वरूप पौधों में संपोषण और भंडरण के लिए उपलब्ध कुल प्रकाशसंश्लेषण की क्षमता क्षीण हो जाती है। 

3. शुरुआती अवस्था में, गोल चित्ती दिखाई पड़ती है जो जल्द ही पौधे के सूख जाने के कारण भूरे रंग का हो जाता है।  

4. लक्षण पता चलते हैं क्योंकि पर्याक्रमण के लक्षण खेत के अन्दर से बाहर की ओर फैलते हैं। इस स्थिति को ‘होपर बर्न’ कहते हैं।  

5 .होपर्स द्वारा पौधे के आधार भाग पर मलत्याग किया गया मधुरस स्टूडी मोल्ड के लिए पसंदीदा सब्स्ट्रेट होता है। सीधी क्षति के अलावा, BPH घास-फूस द्वारा फैलने वाले वाइरस का कारक

22
Sep

प्लांट होपर का जीवनचक्र

मादा कीट 300-350 अंडे देती है और मैक्रोप्टेरस मादा कम अंडे देती है।

कीटों द्वारा अंडे प्राय: सीधी रेखा में पत्ती के कोष के बीचो-बीच बाहर निकाले जाते हैं, जबकि कभी-कभी मादा कीट पत्ती के नस पर अंडे देती है। अंडे गुम्बद की आकृति के एग प्ल्ग द्वारा ढका रहता है जो मादा कीट द्वारा उत्सर्जित होता है। पौधे की सतह से केवल अंडे का शीर्ष भाग ही उब हरा रहता है। अंडे देने की जगह भूरी धारी की तरह दिखाई देता है। अंडे लगभग 6-9 दिनों में फूटते हैं। अंडे से निकला नवजात कपास की तरह सफेद होता है और एक घंटे के अन्दर बैंगनी-भूरे रंग का हो जाता है। यह पौधे का रस चूसता है और वयस्क होने के लिए यह पांच सुप्त अवस्थाओं से गुजरता है। भोजन की उपलब्धता, वढ़ने के दौरान घनत्व और अन्य पर्यावरणीय कारकों के आधार पर वयस्क होने में इन्हें 10-18 दिन लग जाते हैं। फसल की लंबाई के आधार पर जेनरेशन की संख्या परिवर्तित

•वयस्क ब्राउन प्लांट होपर दोनों रूप में होते हैं, जिसके पूर्ण डैने वाले मैक्रोप्टेरस तथा कटे हुए डैने वाले ब्रेकिपेरस रूप में होते हैं। 

•मैक्रोप्टेरस संभावित प्रवासी होते हैं और नए खेतों में घर बनाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। चावल के पौधों पर प्रवास कर लेने के बाद, वे अपने अगली पीढ़ी को जन्म देते हैं जहां लगभग सभी मादा पंख रहित होती है और नरों के पंख होते हैं।  

•वयस्क कीट उद्भव के दिन ही संभोग करते हैं और मादा कीट संभोग के दिन से ही अंडे देना आरंभ कर देती है। 

 

 

 

 

 

 

 

1. इन होपरों के विकास में तापमान निर्णायक भूमिका निभाता है। भ्रूणीय और पश्च-भ्रूणीय विकास के लिए थ्रेशोल्ड तापमान क्रमश: 10.8oC और 9.8oC है।  

2. ऊष्ण और आर्द्र जलवायु में प्लांट होपर्स सक्रिय रहते हैं और उनकी संख्या भोजन की उपलब्धता, प्राकृतिक शत्रुओं की गतिविधि आसपास हो रहे अन्य पर्यावरणीय कारकों के आधार पर घटते-बढ़ते रहते हैं।   

3. लार्वा के चरण में क्राउडिंग और कीट खाद्य की गुणवत्ता तथा मात्रा में कमी  मैक्रोप्टेरी       (macroptery) को प्रेरित करता है।  

पारासिटॉइड (Parasitoids):  

•अनाग्रस स्पिशिस Anagrus spp,             

•ओलिगोसीटा स्पिशिस Oligosita spp. 

•गोनक्टोसिरस स्पिशिस Gonatocerus spp       

•गोनाटोपस स्पिशिस Gonatopus spp.

परभक्षी : सिर्तोरैनस लिविडीपेन्निस Cyrtorhinus lividipennis

 

22
Sep

प्लांट होपर का फैलाव

1.भूरे रंग का प्लांट होपर वर्षा पोषित तथा सिंचित गीले वातावरण में चावल के पौधे के प्रजनन की अवस्था के दौरान सामान्य रूप से पाया जाता है। 

2.सफेद पीठ वाले प्लांट होपर का महत्व, कीट के रूप में, बीते दशक में ऊंची और नीची दोनों भूमि में खासकर वहां जहां वे चावल के वे प्रकार उगाए जाते हैं जो सफेद पीठ वाले प्लांट होपर के प्रति प्रतिरोधी होते हैं, अत्यधिक रूप से बढ़ता जा रहा है। 

 

ग्रीन लीफ होपर का प्रबन्धन

ग्रीन लीफ होपर के प्रबन्धन में शामिल है होस्ट प्लांट रेसिस्टेंट और रासायनिक विधि। 

यहां ग्रीन लीफ होपर के प्रति चावल की प्रतिरोधी प्रकार की सूची दी गई है। 

•विक्रमार्या (Vikramarya)

•ललत (Lalat)

•खैरा (Khaira) तथा 

•निधी (Nidhi)

 

1. पौधों की सभी अवस्था में लीफ होपर हमला करते हैं। वयस्क और नवजात दोनों ही पौधों का रस चूसते हैं जिसके कारण पौधे की वृद्धि रुक जाती है और टिलरिंग के कमी आती है। 

2. अत्यधिक घनत्व की स्थिति में उनके भोजन के फलस्वरूप पौधे सूख जाते हैं और धान का खेत कुम्हलाया हुआ दीखता है। पुष्प-गुच्छ निकालने के समय पर्याक्रमण होने से दाने का निर्माण प्रभावित होता है। 

3. सीधी क्षति के अलावा कीट टंग्रो ( tungro) रोग का वाहक भी होता है जो विषाणु का कारण होता है।  

 

22
Sep

ग्रीन लीफ होपर का जीवनचक्र

वयस्क

•वयस्कों का औसत जीवनकाल लगभग 25-26 दिनों की होती है लेकिन कभी-कभी 46 दिनों तक भी पहुंच जाती है।  

•मादा का जीवनकाल नर की तुलना में अधिक होता है।  

•विकासात्मक अवस्था और वयस्कों की आयु तापमान द्वारा प्रभावित होती है और ग्रीन लीफ होपर के विकास के लिए आदर्श तापमान है 29-330 C होता है। 

 

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