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22
Sep

ग्रीन लीफ होपर का जीवनचक्र

•चावल का पौधा N.virescens का पसंदीदा पोषक है।      

•मादा होपर पौधे के पत्ते पर भारी मात्रा में अंडे देती है जो एक पंक्ति में आरे-तिरछे रूप में एक दूसरे से सटे होते हैं।  

•अंडे देने की प्रक्रिया प्राय: दिन में ही होती है।  

अंडे :

•समूह में अंडों की संख्या 6-8 तक होती है और उत्पादकता लगभग 365 अंडे की होती है।  

•अंडे देने की प्रक्रिया की पूर्व-अवधि लगभग 6-9 दिनों की होती है और अंडे देने की अवधि  10-14 दिनों की होती है। आदर्श तापमान (200 C) में अंडे सेने की अवधि 7-9 दिनों की होती है और अंडे प्राय: 6-9 घंटे में फूट जाते हैं। 

नवजात (Nymph):

•नवजात के पांच इंस्टर होते हैं। नवविकसित नवजात का शरीर छोटा और केंचुली उतरने के बाद पीले-सफेद रंग का अथवा पीले-हरे रंग का हो जाता है।  

•नवजात जो समान रूप से पौधों पर फैले होते हैं, प्राय: पत्ते के कोष को अथवा पत्ते को खाते हैं।  

1. मानसून के मौसम में ग्रीन लीफ होपर के जनसंख्या प्रभावित होती है और निश्चित अंतराल चरम बरसात और चरम ग्रीन लीफ होपर की जनसंख्या के बीच माना जाता है। 

2. जनसंख्या विकास का ढांचा फसल के ढांचे और मौसमी कारकों द्वारा प्रभावित होता है। 

3. आसाम, मणिपुर और त्रिपुरा में जुलाई-अगस्त के दौरान लीफ होपर की जनसंख्या अपने चरम पर होती है। 

4. गर्म और आर्द्र ऊष्णकटिबधीय क्षेत्रों में ग्रीन लीफ होपर की विभिन्न प्रजातियां वर्ष भर सक्रिय रहती है और उनकी जनसंख्या उपलब्ध होस्ट प्लांट, पर्यावरणीय स्थिति और फसल से ढांचे के आधार पर बदलती है। 

 

 

 

22
Sep

ग्रीन लीफ होपर का फैलाव

आन्ध्र प्रदेश

आसाम

बिहार

गुजरात

मध्य प्रदेश

उड़ीसा

पंजाब

तमिलनाडु

उत्तर प्रदेश तथा

प. बंगाल वे राज्य हैं जहां गंभीर रूप से ग्रीन लीफ होपर की घटना पाई गई थी।

22
Sep

लीफ और प्लांट होपर (Leaf and plant hoppers)

1. लीफ होपर्स में शामिल हैं:

• ग्रीन लीफ होपर : Nephotettix virescens

2. प्लांट होपर्स में शामिल हैं:

• भूरे रंग का प्लांट होपर : Nilaparvata lugens Stal

• सफेद पीठ वाला प्लांट होपर : Sogatella furcifera Horvath

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Sep

लीफ और प्लांट होपर (Leaf and plant hoppers)

1. लीफ होपर्स में शामिल हैं:  

•ग्रीन लीफ होपर  : नेफोटीटिक्स विरेसेंस Nephotettix virescens

2. प्लांट होपर्स में शामिल हैं: 

•भूरे रंग का प्लांट होपर : निलापर्वता लुजेंस Nilaparvata lugens Stal 

•सफेद पीठ वाला प्लांट होपर : सोगटेलला फ्युसिफेरा Sogatella furcifera Horvath

 

22
Sep

गॉल मिज का कल्चरल नियंत्रण

1. पिछले फसल की जुताई से पर्याक्रमण कम हो जाता है।

2. आसपास के क्षेत्रों से घास-फूस और जंगली पौधों के नियंत्रण से गॉल मिज में कमी आती है।

3. देर से रोपण (क्षेत्र में 3 सप्ताह के अन्दर पूर्ण रोपण कर लें) न करें ताकि पर्याक्रमण से बचा जा सके।

गॉल मिज का प्रबन्धन:

1. चावल के गॉल मिज के प्रबन्धन में शामिल हैं कल्चरल, होस्ट प्लांट रेसिस्टेंट और रसायनिक विधि।

यहां गॉल मिज के प्रति प्रतिरोधी चावल के प्रकारों की सूची दी गई है.                              

·         स्नेहा,·         पोथाना,·          ककतिया·         एरामल्लेलू,·         काव्या,·         राजेन्द्र धान  202,·          कर्ना,·         रुचि,·         समृद्धि,·         उषा,·         आशा,·         MDU 3,·         भुबन,·         समेली (Samalei),·         ओरुगल्लु (Orugallu),·         अभय,·         शक्ति, &m

1. गॉल मिज की प्रमुख अवस्था जिससे क्षति होती है वह मेगट है। मेग़ट बढ़ते शीर्ष को खाता है और पत्ते के मूल विभेदन को रोकता है।

2. इसमें शामिल है पत्ते के मूल के आंतरिक भाग से रेडियल रिज का विकास और साथ ही पत्ते लम्बे होते जाते हैं। 

3. एक खाली प्रकोष्ठ जिसे ‘गॉल’ कहते हैं, लार्वा के चारों ओर बनता है। चूंकि लार्वा गॉल को खाता है, आधार भाग पर चौड़ा होता है और प्याज के पत्ते की तरह लम्बे दिखाई देते हैं। 

4. लार्वा के तीन चरण होते हैं। प्राय: एक टिलर में एक मेगट पाए जाते हैं। 

5. पौधे के बढ़ते भाग पर पहुंचने के एक हफ्ते बाद पत्ते पर खरोंच के निशान दिखाई पड़ते हैं। यद्यपि, गॉल मिज के हमले का बाहरी लक्षण है ‘चांदी रंग की कली’ (सिल्वर शूट) अथवा ‘निशान/खरोंच’ जो प्याज के पत्ते की तरह होता है। 

6. कुछ मामलों में, निशान/खरोंच विकसित नहीं होते किंतु पौधे के बढ़ते हि

22
Sep

गॉल मिज का प्रसार क्षेत्र

1. चावल, ओरिजा ( Oryza) के वन्य प्रजाति और (Phospaladium geminatum,Phaspalum scrobiculatum, Panicum spp., Ischaeum ciliare, Cyanodan dactylon, Eleucine indica जैसे घास।

2. यह निम्न भूमि के चावलों का एक कीट है और यह चावल के पौधे के टिलरिंग स्टेज में सिंचित अथवा वर्षा पोषित गीले मौसम में पाया जाता है। यह ऊंची भूमि और अत्यधिक जल वाले चावल की फसलों में भी देखा गया है।

22
Sep

गॉल मिज का जीवनचक्र

1.मादा वयस्क चावल के पत्ते के आधार के निकट पौधे की अंत:

सतह पर अथवा कभी-कभी पत्ते की सतह पर अकेले अथवा समूह में अंडे देती हैं। एक मादा लगभग 100-200 अंडे देती है। अंडे लम्बे, नलिकाकार और चमक लिए हुए सफेद, कभी-कभी गुलाबी, लाल अथवा पीले होते हैं। अंडे फूटने से पहले पीले रंग के हो जाते हैं। अंडे फूटने के लिए उच्च आर्द्रता की आवश्यकता होती है और सेने की अवधि 3-4 दिनों की होती है। अन्डे से तुरंत निकला गॉल मिज धूसर-सफेद और अन्दर का सिरा नुकीला होने के साथ-साथ मजबूत होता है। नवजात लार्वा अपने भोजन के लिए आखिरकार पौधों के अग्र बढ़ते भाग अथवा बगल के कोंपलों पर पाया जाता है। इसके खाने से हुए नुकसान के कारण टिलर के आधार भाग पर नलिकाकार गॉल (रगड़ के निशान) का निर्माण होता है और पत्तों और पुष्प-गुच्छों की वृद्धि रुक जाती है। कीटों द्वारा लगातार खाने के परिणामस्वरूप रगड़ का निशान टिलर के

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