Best Viewed in Mozilla Firefox, Google Chrome

26
Sep

Al की विषाक्तता का प्रबंधन

1. अम्ल उच्चभूमि वाली मिट्टी में Al की विषाक्तता को चूने @

1.5 –2.0 t ha-1 के प्रयोग से सुधारा जा सकता है। 

2. उप-मृदा अम्लीयता के सुधार के लिए जिप्सम तथा जिप्सम युक्त P (SSP) जैसे घुलनशील स्रोत की अनुशंसा की जाती है। 

3.Al के प्रति सहनशील पौधे की खेती, जो अपने जड़ों की मदद से  Al को बाहर या असंघटित करता तथा P, Mg तथा Ca का जमाव करता है। 

4. मृदा में डाले जाने वाले विकल्पों में शामिल हैं- हरी खाद, फल्विक अम्ल द्वारा  Al की फाइटोटोक्सिटी में सुधार। 

5. अम्ल निम्नभूमि/ अम्ल सल्फेट मिट्टी  pH के बढ़ने तक रोपण में विलम्ब करना, टॉप मृदा को सूखने से बचाने के लिए जल की मात्रा बनाए रखने से इस समस्या से उबरने में मदद मिलती है।

 

26
Sep

Al विषाक्तता के कारण

1. निम्न मृदा pH (<5.0) जैसा कि उच्च भूमि की अम्लीय मिट्टी में

देखा जाता है,जिससे Mg, P तथा Ca की गंभीर कमी होती है। 

2. की कमी वाली उच्च भूमिक वाली मिट्टियां। 

3. एसिड सल्फेट मिट्टी, जहां जलमग्नता से पहले (थायलैंड में) चावल को उच्चभूमि फ़सल के रूप में उपजाया जाता है।  

 

1. प्रभावित पत्तियां नारंगी पीली हो जाती है, जो अंतर्शिरीय क्लोरोसिस

को दिखाती है। 

2. गंभीर विषाक्तता की स्थिति में नेक्रोसिस उत्पन्न होता है। 

3. जड़ का अग्रभाग तथा पार्श्वीय जड़ विकृत हो जाते हैं तथा वे मोटे/भूरे हो जाते हैं, जिससे सूखे की संभावना बढ़ती है। 

 

26
Sep

ऐल्युमीनियम (AL)

1. पृथ्वी की पपड़ी में सबसे प्रचुर मात्रा में पाये जाने के कारण  ऐल्युमीनियम (Al) सभी मिट्टियों में मौजूद रहता है। 

2.Al की घुलनशीलता उदासीन/क्षारीय मिट्टी में काफी कम रहती है। हालांकि यह  pH <5.0. मान वाली अम्लीय मिट्टी में विषाक्त मात्रा में मौजूद रहता है।  

3. ऐल्युमीनियम (Al) की विषाक्तता  विषाक्तता निम्नभूमि / सिंचित अम्लीय मिट्टी में अधिक खतरा नहीं मानी जाती। 

4.Al विषाक्तता की समस्या मुख्यतः जलजमाव से पहले वर्षापोषित उच्च भूमि के अम्लीय मिट्टी/ एसिड सल्फेट वाली मिट्टी में देखी जाती है। 

 

1. न्यायपूर्ण तथा संतुलित N अनुप्रयोग ताकि पौधों में Si की मात्रा क्रिटिकल स्तर से कम न जाए। 

2. चावल की फ़सल के अवशेष का पुनर्चक्रण।

3. खासकर चावल के छिलके (8% Si) तथा सामान्य रूप से चावल के तिनके (4-5 % Si) Si के अच्छे स्रोत होते हैं। हालांकि, इन स्रोतों से Si की प्राप्ति काफी धीमी गति से होती है, इसलिए यह केवल लंबे समय के स्रोत के रूप में ही उपयुक्त माने जाते हैं।

4. चावल के छिलकों से अनुप्रयोग से मृदा में तथा Si के स्रोत में सुधार हो सकता है। चावल के छिलके की राख (33-40 % Si) भी Si का एक अच्छा स्रोत माना जाता है। 

5. कम Si वाली मिट्टी के लिए, उर्वरक स्रोत जैसे बेसिक स्लैग @ 2-3 t ha-1 प्रति 2 वर्षों पर डालना चाहिए, जिससे Si की परिपूर्ति होती है, जो कार्बनिक/क्षीण मृदा में चावल की खेती के लिए आवश्यक होता है। 

6. थर्मल पावर स्टेशन से फ्लाय ऐश (23 % Si) का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। जिसे आस-पास की खेती व

26
Sep

Si की कम मात्रा के कारण

1. प्रबल रूप से ऋतुक्षरित उष्णकटिबंधीय अम्ल मृदा (ऑक्सीसोल्स) जिसमें

निक्षालन के कारण Si की कमी रहती है, जिससे उच्च भूमि की अम्ल मृदा में Si की कमी उत्पन्न होती है।

2. समशीतोष्ण (जापान, कोरिया,ताइवान) तथा उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्र (श्रीलंका और वियतनाम) में कमजोर चावल फ़सल के कारण Si कमी दिखाई पड़ती है। 

3. कार्बनिक मिट्टी /पीट मिट्टी में (इंडोनेशिया, मलेशिया तथा फ्लोरिडा- USA) उगने वाली चावल की फ़सल को Si की गंभीर कमी का सामना करना पड़ता है। 

4. गहन रूप से कृषि वाली मिट्टी में जहां चावल के तिनके पूरी तरह से हटा दिए जाते हैं, उच्च ऋणात्मक संतुलन पाया जाता है, जो सामान्य मिट्टी में Si की कमी का एक बड़ा कारण है। 

 

26
Sep

Si की निम्न मात्रा के लक्षण

1. पत्तियां मुलायम तथा ढीली-ढाली बन जाती हैं, जिससे पारस्परिक

पतन होता है तथा प्रकाश-संश्लेषण में कमी होती है। 

2. निचली पत्तियों का पीली या ब्राउन नेक्रोटिक में बदलना।  

3. राइस ब्लास्ट के रोग में वृद्धि होना। 

4. पत्तियों के शिखाग्र का मुर्झाना।

5. अनुर्वर शूकियों के उच्च अनुपात वाले छोटे पुष्प-गुच्छ। 

 

24
Sep

Si की लाभदायक भूमिकाएं

1.Si की अजैविक तथा जैविक दाब के कारण उत्पन्न प्रभाव में सुधार लाने में अहम भूमिका होता है। 

2. इसे Mn, Fe, Al आदि के विषैले प्रभावों के खिलाफ कार्य करने के लिए जाना जाता है (चावल की जड़ों की ऑक्सीकरण शक्ति में सुधार लाकर)।

3.Si को बाह्य स्तर के सिलिसिफिकेशन के जरिए ब्लास्ट, ब्राउस स्पॉट, शीथ ब्लाइट, भूरे टिड्डे, दीमक इत्यादि जैसे विपरीत जैविक कारकों के खिलाग रोग प्रतिरोधी क्षमता उत्पन्न करने में भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है।

 

24
Sep

सिलिकन (Si)

1. यद्यपि मात्रात्मक रूप से Si चावल का एक प्रमुख अकार्बनिक अवयव है, इसके बावजूद यह आवश्यक तत्त्व माना जाता है। 

2. चावल की फ़सल प्रत्येक 1 टन अनाज के उत्पादन के लिए 100 kg Si का इस्तेमाल करती है, जो N का पांच गुना होता है। 

3. वैज्ञानिक एप्स्टीन तथा कृषि वैज्ञानिक सावंत के अनुसार कृषि वैज्ञानिक रूप S एक आवश्यक तत्त्व है, जो टिकाऊ चावल उत्पादन/रोगों के ख़िलाफ फ़सल की प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है।    

4. वर्तमान में यह एक लाभदायक तत्त्व के रूप में जाना जाता है। 

 

24
Sep

Mo की कमी का प्रबंधन

1. अम्ल मृदा को pH 6.5 तक रखने से इस समस्या से निजात मिलती है (यदि अन्य उद्देश्यों के लिए pH परिवर्तन की आवश्यकता न हो तो इसकी अनुशंसा नहीं की जाती।

2.Mo की कमी वाली मिट्टी में Na /NH4 मोलिब्डेट का छिड़्काव 100-500 g ha-1 दर से कहना चाहिए। 

3.0.07 –0.1 % Na /NH4 -1 मॉलिब्डेट का फोलियर स्प्रे करना चाहिए, क्योंकि Mo फ्लोएम में काफी गतिशील रहता है। 

4.0.5 % Na/ NH4 -1 मॉलिब्डेट का फोलियर स्प्रे से मूंगफली में काफी लाभ पहुंचता है, क्योंकि पेजिंग के समय टॉपड्रेसिंग के लिए अनुशंसित जिप्सम  BNF के लिए आवश्यक  Mo को धीमा करता है। 

 

Copy rights | Disclaimer | RKMP Policies