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Pests

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19
सप्टेंबर

मणिपुर व मेघालय में कीट प्रकोप

मणिपुर व मेघालय में कीट प्रकोप

1.चावल के इअर ईटिंग कैटरपिलर का प्रकोप असम व मणिपुर (पाठक व अन्य, 2001), अरुणाचल, मेघालय और त्रिपुरा में 1982 (बर्वाल, 1983) के दौरान दर्ज किया गया था।

2. 1977 के दौरान, काले बालों वाले कैटरपिलर का प्रकोप मेघालय (सचन व गंगवार, 1979) में दर्ज किया गया था। चावल के हिस्पा का प्रकोप मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 1987 (पाठक, 1987) में दर्ज किया गया था।

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ICAR NEH, Umiam
19
सप्टेंबर

चावल स्लग कैटरपिलर

चावल स्लग कैटरपिलर

1. स्लग कैटरपिलर (परासा लेपिडा) चावल का एक छिटपुट कीट है। लार्वा पत्तियों पर भोजन करते हैं और केवल बीच की कमान को बचा हुआ छोडते हैं।

2. यह पूर्वोत्तर क्षेत्र में पहली बार दर्ज़ हुआ जिसने बारिश के मौसम के दौरान फसल को संक्रमित किया (शाइलेशा व अन्य, 2006)।

3. मामूली आर्थिक महत्व के अन्य कीट हैं पिस्सू बीटल्स (कीटोक्नेमा बेसेलिस तथा मोनोलेप्टा सिग्नाटा), स्टेमफ्लाय, मोल व फील्ड क्रिकेट्स, ब्लैक बग, स्टिंक बग, ब्लू बीटल्स तथा ब्लैक एफिड्स।

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ICAR NEH, Umiam
19
सप्टेंबर

चावल स्किपर

चावल स्किपर

1. स्किपर के कैटरपिलर (पेलोपिडास मथायस) चार सफेद पृष्ठीय धारियों के साथ पीलापन लिए हरे रंग के होते हैं।

2. इसका बड़ा सिर होता है और शरीर गावदुम। ये कैटरपिलर पौधे को पत्तों से रहित कर देते हैं।

3. वयस्क तेज गति से चलने वाला स्किपर होता है।

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ICAR NEH, Umiam
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http://www.indianaturewatch.net/displayimage.php?id=147697
19
सप्टेंबर

चावल का हॉर्न्ड कैटरपिलर

चावल का हॉर्न्ड कैटरपिलर

1. हॉर्न्ड कैटरपिलर (मेलानिटिस लेडा इस्मेने) चावल का एक मामूली कीट है।

2. मादा वयस्क काले भूरे रंग की तितली होती है, जो चावल की पत्तियों पर सफेद अंडे देती है।

3. कैटरपिलर हरे रंग के होते हैं। ये रात में पत्तियों पर भोजन करते हैं और दिन के समय स्थिर बने रहते हैं।

4. प्योपा बनने की प्रक्रिया पत्ते पर होती है। यह कीट आम तौर पर मुख्य रूप से तराई के चावल पर वनस्पति चरण के दौरान फसल को संक्रमित करता है।

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ICAR NEH, Umiam
19
सप्टेंबर

रूट एफिड्स

रूट एफिड्स

1.रूट एफिड्स (र्होपालोसिफम रुफिएब्डोमाल्स एवं टेट्रान्यूरा निग्रिएब्डोमिनालिस) भारत में पहली बार दर्ज किये गये हैं, जो पूरे क्षेत्र में ऊंची भूमि की स्थितियों में चावल की फसल को गम्भीर क्षति पहुंचाते हैं (स्बाइलेशा व अन्य, 2006)।

2. रूट एफिड्स की दो प्रजातियां अर्थात काली जड के एफिड्स (र्होपालोसिफम रुफिएब्डोमाल्स) एवं भूरी गड के एफ्रिड (टेट्रान्यूरा निग्रिएब्डोमिनालिस) ऊंची भूमि के चावल की जड़ों हमला करते हैं।

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ICAR NEH, Umiam
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CRRI
19
सप्टेंबर

गुन्धी बग

गुन्धी बग

1.गुन्धीबग (लेप्टोकोरिसा ओरेटॉरिअस) ऊंची तथा तराई की ज़मीन की स्थितियों में सबसे गंभीर कीट है।

2. युवा व वयस्क दोनों विकासशील दानों से रस चूसते हैं जिसके नतीज़े में खराब दाने लगते हैं।

3. युवा, वयस्कों की तुलना में अधिक विनाशकारी होते हैं। ये कीडे उपज में 20-40% तक की कमी करते हैं।

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ICAR NEH, Umiam
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CRRI
19
सप्टेंबर

चावल का ग्रीन सेमिलूपर

चावल का ग्रीन सेमिलूपर

1. चावल का ग्रीन सेमिलूपर (नोरांगा इनेसेंस) चावल का प्रमुख कीट है।

2. यह 30-40 दिनों की उम्र की ऊंची भूमि पर आक्रमण करता है और 65 दिनों तक फसल को नुकसान पहुंचाना जारी रखता है। लार्वा मुख्य रूप से पत्तियों पर भोजन करते हैं और उन्हें पत्तों से रहित कर देते हैं।

3. खेत की परिस्थितियों में अपंटेलेस एसपी. ग्रीन सेमिलूपर के 80% तक पर पराश्रयी हो जाते हैं।

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IRRI
19
सप्टेंबर

राइस इअर कटिंग कैटरपिलर

राइस इअर कटिंग कैटरपिलर

1. राइस इअर कटिंग कैटरपिलर (माइथिम्ना सेपरेटा) का प्रकोप 1982 के दौरान आरम्भ में असम में दर्ज़ किया गया और उसके बाद यह मणिपुर, अरुणाचल, मेघालय और त्रिपुरा में फैल गया।

2. यह इस क्षेत्र में चावल का एक महत्वपूर्ण कीट है। फैलने के दौरान यह खड़ी फसल को 100% नुकसान का कारण बनता है।

3. लार्वा कान के सिरे को काट कर चावल के तने को पीछे छोड देते हैं जिसके परिणामस्वरूप ऐसा लगता है मानो खेत को पशु चर गए हों। यह फसल की उपज को सीधे प्रभावित करता है।

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ICAR NEH, Umiam
19
सप्टेंबर

चावल का हिस्पा

चावल का हिस्पा

1.चावल का हिस्पा (डाइक्लाडिस्पा आर्मिगेरा) कांटों से ढका एक नीला-काला बीटल है। ग्रब्स पत्तों में लम्बी घुमावदार सुरंगें बनाते हैं जबकि वयस्क क्लोरोफिल को खुरचते हैं।

2. प्रभावित पत्तियां सफेद और झिल्लीदार होकर अंततः सूख जाती हैं। पत्तियों की धार को ये खुरचते हैं और मध्य रिब के समांतर केवल निचले एपिडर्मिस को सफेद धारियाँ के रूप में छोड़ देते हैं।

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ICAR NEH, Umiam
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CRRI
17
सप्टेंबर

चावल का गॉल मिज

चावल का गॉल मिज

1. गॉल मिज (ऑर्सेओलिआ ऑरिज़ी) मणिपुर में एक गंभीर कीट है और यह पूरे क्षेत्र में भी एक आम कीट के रूप में होता है।

2. यह चावल के पौधे के टिलरिंग चरण के दौरान तराई की और ऊंची भूमि, दोनों स्थितियों में पाया जाता है। इसके. असम में गहरे पानी के चावल में होने की सूचना भी दी गई है।

3. इसकी जनसंख्या का घनत्व मुख्य रूप से बादलयुक्त या बरसाती मौसम, उच्च टिलरिंग किस्मों की खेती, सघन प्रबन्धन प्रथाओं तथा कम परजीवीकरण से प्रभावित होता है।

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CRRI
17
सप्टेंबर

चावल के थ्रिप्स (पर्णजीवक)

चावल के थ्रिप्स (पर्णजीवक)

1. युवा व वयस्क थ्रिप (थ्रिप्स ऑरिज़ो) दोनों नर्म पत्तियों से पौधे का सत्व लेकर भोजन करते हैं।

2. प्रभावित पौधों की पत्तियों के शीर्ष फीके होकर मुड जाते हैं और थ्रिप्स परतों के भीतर रहते हैं।

3. यह सिक्किम के ऊपरी भूभाग, त्रिपुरा, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश की अन्द्झुम भूमि का गंभीर कीट है।

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CRRI
17
सप्टेंबर

चावल का आर्मीवर्म

चावल का आर्मीवर्म

1.आर्मी वर्म (स्पोडोप्टेरा मौरिटिआ) चावल का कभी-कभी अचानक होने वाला कीट है और यह मेघालय के जोवाई ज़िले की उमराइअंग घाटी, मणिपुर और त्रिपुरा की घाटी की भूमि में अत्यधिक होता है।

2. कैटरपिलर पत्तों पर भोजन करते हैं और गम्भीर प्रकोप में समूचे सीडबेड व खेत नष्ट हो जाते हैं और खेत ऐसे दिखाई देते हैं मानो जानवरों/पशुओं द्वारा चर लिये गये हों।

3. लार्वा रात में भुक्खड की तरह खाते हैं और दिन के दौरान मिट्टी की दरारों में छुप जाते हैं।

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ICAR NEH, Umiam
17
सप्टेंबर

चावल का केसवर्म

चावल का केसवर्म

1.केस वर्म (निम्फुला डिपंक्टालिस) पूर्वोत्तर क्षेत्र के कई हिस्सों में गंभीर कीट है।

2. केस वर्म के वयस्क 6 मिमी लम्बे होते हैं और पंख का फैलाव 15 मिमी होता है। पतले हरे रंग के कैटरपिलर पत्तियों की धार को लगभग 1.25 सेमी लम्बाई में काट देते हैं जिनसे वे नलीदार खोल बनाते हैं और जिनमें वे एक पौधे से दूसरे को जाते हुए भोजन करते व तैरते हैं। गम्भीर नुकसान के समय पत्तियां ढांचेदार हो जाती हैं और रंग में सफेद दिखाई देती हैं।

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ICAR NEH, Umiam
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CRRI
17
सप्टेंबर

चावल लीफ रोलर

चावल लीफ रोलर

1. लीफरोलर या लीफ फोल्डर (नेफालोक्रोसिस मेडिनालिसि) ऊंची तथा निचली भूमि के चावल का एक आम कीट है।

2. लार्वा किनारों के पत्ती की धार को लपेटकर मेसोफिल या हरे पदार्थ को खुरचकर भोजन लेता है।

3. भोजन पत्ती के उत्पादक हिस्से को कम कर देता है जो पौधे के विकास को प्रभावित करता है। उच्च प्रकोप अक्सर सफेद धब्बों के साथ खेत को एक बीमार रूप देता है।

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ICAR NEH, Umiam
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CRRI
17
सप्टेंबर

चावल स्टेम बोरर (तना छेदक)

चावल स्टेम बोरर (तना छेदक)

1.स्टेम बोरर (स्कर्पोफागा इंसर्ट्यूलस) चावल का एक प्रमुख कीट है और क्षेत्र भर में फैला हुआ है। मादा कीट के पीलापन लिए भूरे चमकीले अगले पंख होते हैं उअर प्रत्येक पर एक काला धब्बा होता है तथा गुदा क्षेत्र में पीले बालों का एक गुच्छा होता है।

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ICAR NEH, Umiam
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Mr.Chaitanya, DRR
17
सप्टेंबर

मेघालय व मणिपुर के महत्वपूर्ण कीट

मेघालय व मणिपुर के महत्वपूर्ण कीट

इस क्षेत्र में चावल की फसल को काफी नुकसान पहुंचाने वाले आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण कीड़े हैं

1. स्टेम बोरर

2. लीफ़रोलर

3. केसवर्म

4. आर्मीवर्म

5. थ्रिप्स

6. गॉल मिज

7. राइस हिस्पा

8. राइस इअर कटिंग कैटरपिलर

9. राइस ग्रीन सेमिलूपर

10. गुन्धीबग

11. रूट अफिड्स

12. हॉर्ंड कैटरपिलर

13. स्किपर

14. स्लग कैटरपिलर

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ICAR NEH, Umiam
17
सप्टेंबर

मेघालय व मणिपुर के चावल में कीट

मेघालय व मणिपुर के चावल में कीट

1. सभी प्रकार के पशुओं की ज्ञात प्रजातियों में से कीट दो तिहाई से अधिक होते हैं। वे लगभग सभी प्रकार के पर्यावरण में पाए जाते हैं। अगर जलवायु परिस्थितियां अनुकूल हों तो उनकी संख्या में तेजी से वृद्धि की विशाल संभावना होती है।

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ICAR NEH, Umiam
9
सप्टेंबर

பச்சை தத்துப்பூச்சி (Green leafhopper)

பச்சை தத்துப்பூச்சி (Green leafhopper)

1. பொதுவான பெயர்-பச்சைத் தத்துப்பூச்சி

2. அறிவியல் பெயர்- நெப்போடெட்டிக்ஸ் வைரஸென்ஸ்

3. உள்ளூர் பெயர்- பச்சை தத்துப்பூச்சி

பச்சைத் தத்துப்பூச்சியின் தாக்குதலின் அறிகுறிகள் (Symptom of damage of Green leafhopper)

3
सप्टेंबर

ರೈಸ್ ಹಿಸ್ಪಾ - Rice hispa

ರೈಸ್ ಹಿಸ್ಪಾ - Rice hispa


ವೈಜ್ಞಾನಿಕ ಹೆಸರು - ಡೈಕ್ಲಡಿಸ್ಪಾ ಆರ್ಮಿಜೆರಾ

ಕುಟುಂಬ - ಕ್ರೈಸೊಮೆಲಿಡೇ

ಆದೇಶ - ಕೊಲಿಯಾಪ್ಟೆರಾ

ರೈಸ್‌ ಹಿಸ್ಪಾದ ಧಾಳಿಯ ಲಕ್ಷಣ - Symptom of attack Rice hispa

ಲಾರ್ವವು ಎಲೆಯ ಭಾಗವನ್ನು ಕೊರೆದಿರುವುದು ಎದ್ದುಕಾಣುವುದು. ಎಲೆಯ ಮೇಲೆ ಸಮಾಂತರ ಬಿಳಿಗೆರೆಗಳು ಕಂಡುಬರುವವು .

ರೈಸ್‌ ಹಿಸ್ಪಾ ದ ಹಾನಿಯ ಸ್ವರೂಪ - Nature of damage of Rice hispa

ಲಾರ್ವವು ಎಲೆಯ ಅಂಚನ್ನು ಕೊರೆಯುವುದು.ಅಲ್ಲಿನ ಹಸಿರು ಅಂಗಾಶವನ್ನು ತಿನ್ನುವುದು. ಪ್ರೌಢ ಕೀಟವೂ ಹಸಿರು ಅಂಗಾಂಶವನ್ನೆ ತಿನ್ನುವುದು. ಅವು ಎಳೆಯ ಎಲೆಗಳ ಮೆಲ್ಭಾಗವನ್ನೆ ಕೆರೆದು ತಿನ್ನುವುದರಿಂದ ಸಸ್ಯಗಳು ಎಳೆಯವಿದ್ದಾಗಲೆ ತೊಂದರೆಗೆ ಒಳಗಾಗುವವು.

ರೈಸ್‌ ಹಿಸ್ಪಾದ ಜೀವನ ಹಂತಗಳು - Life stages of Rice hispa

ಮೊಟ್ಟೆಗಳು : ಎಲೆಯ ಎಲೆಯ ತುದಿಯಲ್ಲಿ ಕಿರು ಸೀಳಿನಲ್ಲಿ ಮೊಟ್ಟೆ ಇಡುವವು.

ಲಾರ್ವ: ಈ ಲಾರ್ವವು ಹಳದಿಮಿಶ್ರಿತ ಬಿಳಿಬಣ್ಣದ್ದಾಗಿರುವುದು ಚಪ್ಪಟೆ ತುದಿ ಹೊಂದಿರುವುದು.ಎಲೆಯನ್ನು ಕೊರೆದು ಅಂಗಾಂಶ ತಿನ್ನುವುದು ಒಳಗೆ ಬೆಳೆದು ಕೋಶ ಕಟ್ಟುವುದು.

ಪ್ರೌಢ ಕೀಟ :ಬೆಳೆದ ಜೀರುಂಡೆಯು ಚೌಕಾಕಾರದಲಲ್ಲಿ ಇರುವುದು 1/6ರಿಂದ 1/8” ಉದ್ದ ಮತ್ತು ಅಗಲವಿರುವುದು. ಅದು ದಟ್ಟ ನೀಲಿ ಅಥವಾ ಕರಿ ಬಣ್ಣದ್ದಾಗಿರುವುದು ಬೆನ್ನು ಹುರಿಯು ದೇಹದಲ್ಲೆಲ್ಲ ಹರಡಿರುವುದು

File Courtesy: 
ZARS, Mandya
3
सप्टेंबर

ಮಿಡತೆಗಳು - Grass hoppers

ಮಿಡತೆಗಳು - Grass hoppers

ವೈಜ್ಞಾನಿಕ ಹೆಸರು - ಹೈರೊಗ್ಲಿಫಸ್‌ ಬ್ಯಾನಿಯನ್‌ ( ದೊಡ್ಡ ಮಿಡತೆ), ಆಕ್ಸ್ಯಾ ನಿಟಿಡುಲಾ( ಚಿಕ್ಕ ಮಿಡತೆ)

ಕುಟುಂಬ - ಅಕ್ರಿಡಿಡೇ

ಆದೇಶ - ಆರ್ಥೊಪ್ಟೆರಾ

ಮಿಡತೆಯ ಧಾಳಿಯ ಲಕ್ಷಣ - Symptom of attack of Grass hoppers

ಮರಿ ಹುಳುಗಳು ಮತ್ತು ವಯಸ್ಕ ಮಿಡತೆಗಳೆರಡೂ ಎಲೆಗಳನ್ನು ಅಗೆದು ತಿನ್ನುವವು.

ಮಿಡತೆಯ ಧಾಳಿಯಿಂದಾಗುವ ಹಾನಿ - Nature of damage of Grass hoppers

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