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03
Aug

फ़्ली बीटल्स (Flea beetles)

फ़्ली बीटल्स (Flea beetles)

  • वयस्क कीट नई पत्तियों को कुतरते हैं और उसके क्लोरोफिल पर निर्भर रहते हैं। ताजा अंकुरे बीज अधिक प्रभावित होते हैं और शीर्ष से सूखना शुरू हो जाते हैं। सामान्य क्षति के रूप में आप पत्तियों पर सफेद धब्बे देख सकते हैं।

फ़्ली बीटल्स का प्रबन्धन (Management of Flea beetles)

  • आक्रमण होने पर मोनोक्रोटोफॉस 0.05% का छिड़काव करें।
  • गुंधी बग और सकिंग बग (Gundhi bug and Sucking bug)

    किस प्रकार की क्षति होती है :

    1. अनाज के बढ़ने के दौरान दूध वाली अवस्था में युवा और वयस्क कीट रस चूस लेते हैं जिस कारण अनाज के दाने भूसी (चैफ़ी) जैसे, खाली हो जाते हैं और यदि कुछ दाने पनप कर बड़े हो जाते हैं तो चक्की में वे टूट जाते हैं।

    गुंधी बग का प्रबंधन (Management of Gundhi bug)

    इनकी संख्या कम करने के लिए सुबह के समय डस्टर की सहायता से कार्बैराइल (सेविन 5%) या मैलैथियॉन 5% पावडर या क्लोरोपाइरिफॉस 2% पावडर को 20 कि.ग्रा/हेक्टेयर की दर पर छींटना चाहिए या 0.05 % मोनोक्रोटोफॉस या 0.07% एन्डोसल्फैन या 0.05% क्विनैल्फॉस (एकालक्स) का छिड़काव करना चाहिए।

    निचली भूमि में (लो-लैन्ड): निचली भूमि के चावलों में नर्सरी में और रोपाई के बाद आक्रमण होता है।

    1. नर्सरी: कई कीड़े चावल पर नर्सरी के दौरान आक्रमण करते हैं जैसे रूट एफिड, फ़्ली बीटल्स, स्टेम फ़्लाई, स्टेम बोरर्स, WBP

    03
    Aug

    राइस रूट एफिड - Rice Root Aphid

    चावल की जड़ों में पाए जाने वाले कीड़े (राइस रूट एफिड) - Rice Root Aphid

    किस प्रकार की क्षति होती है:

    1. युवा और वयस्क कीट कोमल जड़ों से रस चूस लेते हैं। गंभीर आक्रमण होने की स्थिति में अंकुर की वृद्धि रूक जाती है, रंग फीका पीला हो जाता है और उसमें फूल नहीं लगते हैं।

    2. बुआई के 25-30 दिनों के बाद वानस्पतिक अवस्था (वेजिटेटिव स्टेज़) में आक्रमण प्रारंभ होकर फसल के पकने तक बना रहता है।

    चावल की जड़ों में पाए जाने वाले कीड़ों (राइस रूट एफिड) का प्रबंधन (Management of Rice root aphid )

    1. मिट्टी में कार्बोफ्यूरन 3 G @ 1.6 ग्रा./वर्गमीटर (l/2 kg. a.i. /ha) को मिश्रित कर और बुआई के 60 दिनों के बाद मोनोक्रोटोफोस (0.05% सांद्रता (कॉन्सन्ट्रेशन)) का जड़ प्रदेश में छिड़काव (रुट-जोन स्प्रे)।

    2. इसका प्रभाव स्टेम बोरर, स्टेम फ़्लाई, लीफ़ रॉलर, WBPH और ग्रीन लीफ़ हॉपर्स जैसे अन्य कीड़ों पर भी पड़ता है।

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