Best Viewed in Mozilla Firefox, Google Chrome

1.फेसिओलस रेडिएटस के साथ जुताई या चक्रीकरण से जड़-घाव के निमेटोड में कमी हुई।
2. नीम के केक ने निमेटोड की आबादी में सबसे अधिक कमी की।
1. प्रभावित फसलों के साथ मिट्टी में कार्बोफ्यूरान या फोरेट का 1 किलो ए.आइ. प्रति हेक की दर से अनुप्रयोग निमेटोड के घाव को कम करता है और अनाज की पैदावार में नुकसान को 48.5% तक कम करता है।
2. चूंकि लेशिअन निमेटोड द्वारा नुकसान मौसम के दौरान देरी से प्रकट होता है, रासायनिक उपचार जल्दी बोयी गयी फसल के लिए कारगर नहीं हो सकता।
1. भारत में वजह पी. ज़ी और पी. इंडिकस द्वारा संक्रमण की वज़ह से उपज को नुकसान क्रमशः 13-29% और 33% होता है।
2. उपज का नुकसान मुख्य रूप से गुठली के कम भराव और वजन में कमी के कारण होता है।
3. निमेटोड का संक्रमण दानों में प्रोटीन की मात्रा भी कम करता है।
1. पी. इंडिकस को अपना जीवन चक्र पूरा करने के लिए 33-34 दिनों की जरूरत होती है और एक ही फसल में कई अतिव्यापी पीढ़ियां होती हैं।
2. निमेटोड एक चयनित बिंदु पर अकेले या समूहों में पौधे की जड़ों पर हमला करता है। प्रवेश पाने के बाद निमेटोड कोर्टिकल कोशिकाओं से भोजन लेता है और दीर्घाएं बनाता है।
3. संक्रमित जडों में पानी सोखने से घाव उत्पान होते हैं और कभी-कभी सूजन भी दिखाई देती है।
4. परिगलित गुच्छे संगठित हो जाते हैं और काले से लेकर भूरे रंग के घाव विकसित करते हैं।
5.पी. इंडिकस के लिए इष्टतम तापमान 23-30 डिग्री सेल्सियस होता है और जनसंख्या की अधिकतम संख्याएं हमेशा बारिश से पहले होती है।
6. खेतों को ऊसर रखे जाने पर पी. इंडिकस की आबादी में तेजी से गिरावट आई।
1.निमेटोड से संक्रमित पौधों का विकास अवरुद्ध हो जाता है, यहां तक कि दब जाता है जिससे खेतों में अलग-अलग खण्डों में वृद्धि होती है। पत्तियों का क्लोरोसिस तथा इअर हेड्स व दानों की संख्या में कमी भी देखी जाती है।
2. निमेटोड से संक्रमित जडों में घावों द्वारा पानी सोखे जाने के कारण सूजन दिखाई देती है जिससे जड़ की सतह पर काले नेक्रोटिक घाव विकसित होते हैं।
3. क्षति के उन्नत चरण में, घाव एक दूसरे से मिल जाते हैं जिससे पूरी जड काले रंग की हो जाती है।
4. निमेटोड संक्रमित जड़ों का क्षय होता है, और जब इस तरह के पौधों को सावधानी से उखाडा जाता है, तो निमेटोड के साथ जुडी हुई जनसंख्या के साथ संक्रमित जडों के अंश मिट्टी में रह जाते हैं।
1. चावल पी. इंडिकस निमेटोड का एक मुख्य मेजबान है।
2. साइपेरस इरिआ तथा एलेयूसिन इंडिका (एल.) गर्टन भी पी.इंडिकस तथा पी.ज़ी निमेटोड्स के लिए मुख्य मेजबान हैं।
3. घास प्रजाति अर्थात्., साइनोडोन डेक्टिलोन, अमारेंथस स्पाइनोसस एल., डेक्टिलोटेनिअम ईजिप्टिकम (डेस्फ.) बिउव, डिजिटारिअ सेंगिनिलिस स्कोप. तथा एकिनोक्लोआ स्प. भी निमेटोड के मेजबान होते हैं।
1. लेशिअन निमेटोड व्यापक रूप से दुनिया भर में फैले हुए हैं और मुख्य रूप से प्रत्यक्ष तरीके से बोए गए वर्षा से सिंचित चावल को नुकसान पहुँचाते हैं।
2. भारत में , प्राटिलिंकस एसपीपी., विशेष रूप से पी.इंडिकस तथा पी.ज़ी आंध्र प्रदेश, असम, गुजरात, केरल, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के चावल में दर्ज किया गया है।

1. चावल पर लेशिअन निमेटोड प्राटिलेंकस की प्रजातियों पर कई देशों से सूचना मिली। गया। चावल पर लेशिअन निमेटोड प्राटिलेंकस की प्रजातियों में से पी.ज़ी तथा पी.इंडिकस सबसे ज़्यादा आम कीट हैं।
2. खरीफ मौसम के दौरान, कई राज्यों में वर्षा पर आधारित चावल अमूमन लेशिअन निमेटोड से संक्रमित होता है और कोपलों को काफी नुकसान होता है।
3. इस निमेटोड की रोगजन्यता के बारे में जागरूकता की कमी के कारण मुख्य रूप से इसके द्वारा होने वाले संक्रमण पर या तो किसी का ध्यान नहीं जाता है या कोई अन्य कारण जिम्मेदार ठहराये जाते हैं।
4. चूंकि उत्तर पूर्वी राज्यों में 70% से अधिक राज्य ऊंची भूमि या पहाड़ी इलाकों के अंतर्गत होते है, इस निमेटोड का पर्याक्रमण बहुत अधिक है।
• थायोबेंडेज़ॉल, बेनोमाइल या फेनिट्रोथायोन से बीजोपचार ने निमेटोड की जनसंख्या को काफी कम कर दिया।
• गर्म पानी के उपचार के साथ बीज को पहले से ऑग्ज़ेमाइल में भिगोने पर पर्याक्रमण कम हुआ और पैदावार में वृद्धि हुई।
• सोवियत संघ में पारे के कार्बनिक जैविक यौगिकों ग्रेनोज़ान तथा हाइड्रोजन परोक्साइड द्वारा चावल के पूर्व बुवाई उपचार ने चावल के पैनिकल्स में ए.बेस्सेयि के पर्याक्रमण को कम किया, राइस स्टेंड्स के घनत्व को 10-11% से बेहतर किया और पैदावार में 13-36% से वृद्धि की।
1. बुवाई के बाद खेत में जलभराव की स्थिति की तुलना में खेत में प्रत्यक्ष बुवाई करने पर निमेटोड की वजह से नुकसान कम होता है (सिल्वा और डी सिल्वा, 1992)।
2. नर्सरी में बुवाई के पूर्व पहले से भिगोए गए चावल के बीज को पानी की भरपूर मात्रा से अच्छी तरह धोने पर सक्रिय निमेटोड को कम कर, इस निमेटोड के कारण नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है।
Copy rights | Disclaimer | RKMP Policies