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राइस टंग्रो डिज़ीज़ के लक्षण

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राइस टंग्रो डिज़ीज़ के लक्षण: 

1. आरंभिक अवस्था में उत्पन्न संक्रमण से पौधे की वृद्धि अधिक रुकती है। राइस टंग्रो डिज़ीज़ के आरंभिक लक्षण हैं अंतरशिरीय क्लोरोसिस तथा संक्रमित पत्तियों में ऐंठन उत्पन्न होना। 

2. पत्ती का रंग हरे-पीले से लेकर लाल भूरे या पीले-भूरे रंग का हो जाता है।  

3. पत्ती का रंग प्रायः टिप से फीका पड़ना शुरु करता है तथा यह पत्र फलक के निचले भाग तक फैलता है। छोटे धूलमय नेक्रोटिक धब्बे भी पुरानी पत्तियों के रंगहीन क्षेत्रों में देखे जा सकते हैं।  

4. यदि पौधे में संक्रमण आरंभिक अवस्थाओं में होता है, पुष्प गुच्छ निकल नहीं पाते या निकलते भी हैं तो भूसी युक्त और झुर्रीदार रहते हैं।  

5. दानों पर भी गहरे रंग की परत जम जाती है और दाने का वजन कम हो जाता है। टंग्रो संक्रमण के कारण प्रायः पुष्पण में विलम्ब होता है तथा फ़सल के परिपक्व होने में कोई एकरूपता नहीं रहती।  

6. पुष्पगुच्छ प्रायः छोटे, अनुर्वर होते हैं तथा आधे-अधूरे रूप से लगे होते हैं। संक्रमित पौधों में जड़ों का अपर्याप्त विकास होता है।  

 

File Courtesy: 
DRR ट्रेनिंग मैनुअल (डॉ कृष्णवेणी)
Image Courtesy: 
DRR ट्रेनिंग मैनुअल ( डॉ कृष्णवेणी)
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