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गॉल मिज का जीवनचक्र

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1.मादा वयस्क चावल के पत्ते के आधार के निकट पौधे की अंत:

सतह पर अथवा कभी-कभी पत्ते की सतह पर अकेले अथवा समूह में अंडे देती हैं। एक मादा लगभग 100-200 अंडे देती है। अंडे लम्बे, नलिकाकार और चमक लिए हुए सफेद, कभी-कभी गुलाबी, लाल अथवा पीले होते हैं। अंडे फूटने से पहले पीले रंग के हो जाते हैं। अंडे फूटने के लिए उच्च आर्द्रता की आवश्यकता होती है और सेने की अवधि 3-4 दिनों की होती है। अन्डे से तुरंत निकला गॉल मिज धूसर-सफेद और अन्दर का सिरा नुकीला होने के साथ-साथ मजबूत होता है। नवजात लार्वा अपने भोजन के लिए आखिरकार पौधों के अग्र बढ़ते भाग अथवा बगल के कोंपलों पर पाया जाता है। इसके खाने से हुए नुकसान के कारण टिलर के आधार भाग पर नलिकाकार गॉल (रगड़ के निशान) का निर्माण होता है और पत्तों और पुष्प-गुच्छों की वृद्धि रुक जाती है। कीटों द्वारा लगातार खाने के परिणामस्वरूप रगड़ का निशान टिलर के आधार भाग पर बड़े आकार का हो जाता है। लार्वा और प्यूपा का विकास इसी गॉल के अन्दर संपन्न होता है। एक नवविकसित कीट एक टिलर पर कब्जा जमाए रखता है। 15-20दिनों में लार्वा के 3 से 4 चरण देखे गए हैं। प्यूपा बनने की अवधि 2-8 दिनों की होती है। वयस्क होने से पहले, प्यूपा अपने पेट के काटों का इस्तेमाल कर गॉल (पत्ते पर हुए खरोंच के निशान) के शीर्ष पर पहुंचता है। इससे वयस्क के निकलने के लिए एक निकास छिद्र का निर्माण करता है। संपूर्ण जीवनचक्र 25-38 दिनों में पूर्ण हो जाता है।

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