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राइस रूट एफिड - Rice Root Aphid

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चावल की जड़ों में पाए जाने वाले कीड़े (राइस रूट एफिड) - Rice Root Aphid

किस प्रकार की क्षति होती है:

1. युवा और वयस्क कीट कोमल जड़ों से रस चूस लेते हैं। गंभीर आक्रमण होने की स्थिति में अंकुर की वृद्धि रूक जाती है, रंग फीका पीला हो जाता है और उसमें फूल नहीं लगते हैं।

2. बुआई के 25-30 दिनों के बाद वानस्पतिक अवस्था (वेजिटेटिव स्टेज़) में आक्रमण प्रारंभ होकर फसल के पकने तक बना रहता है।

चावल की जड़ों में पाए जाने वाले कीड़ों (राइस रूट एफिड) का प्रबंधन (Management of Rice root aphid )

1. मिट्टी में कार्बोफ्यूरन 3 G @ 1.6 ग्रा./वर्गमीटर (l/2 kg. a.i. /ha) को मिश्रित कर और बुआई के 60 दिनों के बाद मोनोक्रोटोफोस (0.05% सांद्रता (कॉन्सन्ट्रेशन)) का जड़ प्रदेश में छिड़काव (रुट-जोन स्प्रे)।

2. इसका प्रभाव स्टेम बोरर, स्टेम फ़्लाई, लीफ़ रॉलर, WBPH और ग्रीन लीफ़ हॉपर्स जैसे अन्य कीड़ों पर भी पड़ता है।

File Courtesy: 
सी.सी.एस-एच.ए.यु, राईस रिसर्च स्टेशन, कॉल
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