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लेशिअन निमेटोड की क्षति के लक्षण

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1.निमेटोड से संक्रमित पौधों का विकास अवरुद्ध हो जाता है, यहां तक कि दब जाता है जिससे खेतों में अलग-अलग खण्डों में वृद्धि होती है। पत्तियों का क्लोरोसिस तथा इअर हेड्स व दानों की संख्या में कमी भी देखी जाती है।
2. निमेटोड से संक्रमित जडों में घावों द्वारा पानी सोखे जाने के कारण सूजन दिखाई देती है जिससे जड़ की सतह पर काले नेक्रोटिक घाव विकसित होते हैं।
3. क्षति के उन्नत चरण में, घाव एक दूसरे से मिल जाते हैं जिससे पूरी जड काले रंग की हो जाती है।
4. निमेटोड संक्रमित जड़ों का क्षय होता है, और जब इस तरह के पौधों को सावधानी से उखाडा जाता है, तो निमेटोड के साथ जुडी हुई जनसंख्या के साथ संक्रमित जडों के अंश मिट्टी में रह जाते हैं।

File Courtesy: 
भारत में चावल के निमेटोड पर शोध की स्थिति, प्रसाद, जे.एस., सोमशेखर, एन. तथा वाराप्रसाद, के.एस. (2011)। चावल ज्ञान प्रबन्ध पोर्टल के लिए लिखे गए दृष्टिकोण पत्र
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