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छोटे घूस (बैंडिकूट)

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छोटे बैंडिकूट, छछुंदर, लघु बैंडिकूट, बाहरी चूहे, बैंडिकोटा बेंगैलेन्सिस

नुकसान का प्रकार : ये सर्वभक्षी होते हैं और अनाज, फल, सब्जियां, मेवे, कभी-कभार बच्चों का और मरे जानवरों का मांस भी खा लेते हैं। ये खेतों में फसलों (गन्ना, गेहूं, चावल, मक्का आदि) और बगीचों को नुकसान पहुंचाने के अलावा कभी-कभार भंडार में रखे अनाज को भी नुकसान पहुंचाते हैं। लेकिन ये अनाज के दानों को कम नुकसान पहुंचाते हैं क्योंकि ये अनाज की फसल, विशेषतः उसकी बालियों को नुकसान पहुंचाते हैं और इस तरह फसल को अच्छा-खासा बरबाद कर देते हैं। यह 6 किलो तक अनाज अपने बिलों में ले जाता है। कभी-कभी ये मुर्गियों पर भी हमला कर देते हैं। ये प्लेग के प्रमुख वाहकों में है। गोदामों में अपशिष्ट छोड़ने और उन्हें दुषित करने के अलावा ये बदबू भी छोड़ते हैं। इनकी बीट इधर-उधर बिखरी हुई और अंडाकार होती है।

स्वभाव : ये बिल खोदने में कुशल होते हैं और उसके मुहाने पर रेत का ढेर उनकी खास पहचान है जिससे बिल का मुंह छिप जाता है, इसलिए इन्हें छछुंदर कहा जाता है। ये बहुत अच्छे तैराक होते हैं, ये अकसर पानी के बंड में रहते हैं; चावल के भरे हुए खेतों में भी नुकसान करने पहुंच जाते हैं। रात्रिचर होने के कारण दिन का समय ये अधिकतर बिलों में बिताते हैं। गोदामों और भंडारों में ये बिल कभी आसानी से नज़र नहीं आते हैं।

File Courtesy: 
चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं तकनीकी विश्वविद्यालय, कानपुर
Image Courtesy: 
http://www.itsnature.org/ground/mammals-land/long-nosed-bandicoot/
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