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शाकनाशियों का वर्गीकरण

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शाकनाशियों का वर्गीकरण

I. छिड़काव के समय के आधार पर:

पौध लगाने से पहले: इस विधि में शाकनाशियों का छिड़काव फसल लगाने से पहले किया जाता है। बढ़ते पौधों पर तेज असर वाला शाकनाशी फसल लगाने से पहले छिड़का जाता है।

अंकुरण से पहले: फसल या खरपतवार के उगने से पहले शाकनाशियों का छिड़काव किया जाता है।

अंकुरण के बाद: फसल या खरपतवार के उगने के बाद शाकनाशियों का छिड़काव किया जाता है

II. कार्य करने के तरीके के आधार पर:

सर्वांगी या ट्रांसलोकेटेड शाकनाशी: वे शाकनाशी जो फैलकर पूरे पादप तंत्र पर असर डालते हैं और छिड़काव के स्थान से दूर जाकर गतिविधि करते हैं

संपर्क शाकनाशी: यह शाकनाशी पादप के उस हिस्से को खत्म कर देता है जो इसके संपर्क में आता है। छिड़काव के स्थान से बहुत कम फैलाव

III. चयनात्मकता के आधार पर:

1. चयनात्मक शाकनाशी: मिश्रित पादप समूहों (फसल और खरपतवार) के बीच केवल लक्षित की गई पादप प्रजातियों (खरपतवार) को ही समाप्त करते हैं।

2. अचयनात्मक शाकनाशी: अपने संपर्क में आने वाले सभी पौधों को नष्ट कर देता है।

IV: छिड़काव के स्थान के आधार पर:

1. मिट्टी पर छिड़काव: यदि छिड़काव मिट्टी पर किया जाता है

2. बेल-पत्ते पर छिड़काव: यदि खरपतवार के बेल-पत्तों पर छिड़काव किया जाता है

File Courtesy: 
C S Azad University of Agriculture and Technology, Kanpur
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