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अनुबंध बाजार

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अनुबंध बाजार:
1. “अनुबंध बाजार” विपणन की एक प्रणाली है जिसमें किसानों द्वारा जिसकी मार्केटिंग की जाती है और यह ट्रेडिंग या प्रेसेसिंग में लिप्त किसी एजेंसी के साथ की गई पूर्व-सहमति वाली बाय-बैक कॉन्ट्रैक्ट के तहत किया जाता है।

2. कॉन्ट्रैक्ट मार्केटिंग में उत्पादक उत्पादन करता है तथा कॉन्ट्रैक्टर को माल की आपूर्ति करता है, जो पूर्व सहमत लागत पर अनुमानित उपज तथा कॉन्ट्रैक्टेड एकरेज के आधार पर किया जाता है।

3. इस समझौते में एजेंसी इनपुट सप्लाय देती है और तकनीकी सहायता प्रदान करती है। कंपनी ट्रांजैक्शन तथा मार्केटिंग लागत का भी संपूर्ण लागत वहन करती है।

4. अनुबंध में शामिल होने पर किसान का लागत जोखिम कम हो जाता है तथा एजेंसी कच्चा माल की गैर-उपलब्धता के खतरे को कम करती है। एजेंसी द्वारा इनपुट तथा विस्तार सेवाओं में शामिल हैं- बीज, ऋण, उर्वरक, कीटनाशी, फार्म मशीनरी, तकनीकी गाइडेंस, विस्तार, उत्पाद की मार्केटिंग।

5. वर्तमान परिदृश्य में अनुबंध मार्केटिंग ऐसा तरीका हो गया जिसके जरिए किसान, खासकर छोटे किसान बेहतर गुणवत्ता वाली धान/चावल की फ़सल के उत्पादन से उच्च आय प्राप्त कर सकते हैं।

6. अनुबंध मार्केटिंग उत्पादकों को नई तकनीकियां इस्तेमाल करने में सक्षम बनाता है ताकि अधिक आय प्राप्त हो सके तथा नए ग्लोबल मार्केट तक पहुंच स्थापित हो सके। यह कटाई बाद के दक्ष परिचालन को सुनिश्चित करता है तथा ग्राहकों की विशेष मांग की पूर्ति करता है।

File Courtesy: 
http://agmarknet.nic.in/rice-paddy-profile_copy.pdf
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