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फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसानों को सहायता

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• स्थूल प्रबंधन मोड की योजनाएं
• अनाज विकास कार्यक्रम – धान
• कल्याण योजना के अवयव और इसके लाभ ए.बीज गांव की अवधारणा के माध्यम से बीज वितरण कृषि विस्तार केंद्र पर खरीद के समय विक्रय मूल्य पर रु.5 प्रति किलो धान बीज पर सब्सिडी या 50% कीमत, जो भी कम हो, दी जाएगी। बी. चावल गहनता प्रणाली पर प्रदर्शन बेहतर बीज, कोनोवीडर, मार्कर, जैव उर्वरकों और सूक्ष्म पोषक तत्व मिश्रण के लिए सहायता - प्रति 0.4 हेक्टेयर प्रदर्शन में से प्रत्येक पर रु. 3000 की सब्सिडी सी. समन्वित कीट प्रबंधन प्रदर्शन सह प्रशिक्षण, प्रति प्रशिक्षण 30 किसानों को शामिल कर (फार्मर्स फील्ड स्कूल) रु. 17, 000 की एकमुश्त राशि के प्रावधान में शामिल हैं सम्मान राशि, प्रशिक्षण सामग्री और खेत में संचालित गतिविधि पर खर्च।
• पात्रता तथा लाभ लेने की शर्तें सभी किसान इस योजना के तहत सब्सिडी का लाभ उठाने के पात्र हैं। लघु / सीमान्त महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी और 30% प्रवाह अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के लिए सुनिश्चित किया जाएगा। यह योजना चेन्नई, नीलगिरी और नागपट्टिनम, तिरुवरूर, सिवगंगै, रामनाथपुरम और पुदुक्कोट्टई के एनएफएसएम चावल लागू करने वाले ज़िलों के अलावा राज्य के सभी जिलों में कार्यशील है।
• सम्पर्क किए जाने वाले अधिकारी ग्राम स्तर पर सहायक कृषि अधिकारी खण्ड स्तर पर सहायक बीज अधिकारी/ उप कृषि अधिकारी/ कृषि अधिकारी खण्ड स्तर पर सहायक कृषि निदेशक ज़िला स्तर पर संयुक्त कृषि निदेशक

File Courtesy: 
http://agritech.tnau.ac.in/govt_schemes_services/govt_serv_schems.html
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