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चावल का प्रतिरोपण क्यों किया जाता है?

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1. नीची भूमि में चावल के लिए प्रतिरोपण एक मूल्यवान सांस्कृतिक

व्यवहार है।

2. नीची भूमि और सिंचित भूमि के लिए इसकी अनुशंसा की जाती है। 

3. इस विधि में कम सिंचाई की आवश्यकता होते है, कम खर-पतवार निकलते हैं और बीज की मात्रा कम लगती है तथा उपज अधिक होती है। 

4. जाड़े के फसल के लिए फसल की अवधि को बढ़ाने हेतु तथा सिंचाई को कम करने के लिए किसान चावल धान का प्रतिरोपण करते हैं। 

5. चावल के प्रतिरोपण से चावल तथा जलवायु की सीमाओं के मद्देनजर मेल खाते फसल विन्यास के साथ जाड़े की फसल के दोहरे और तिहरे फसल की सुविधा प्राप्त होती है। 

6. चावल के प्रतिरोपण से फार्म में खेतों के प्रबन्धन की दक्षता बढ़ती है। 

 

File Courtesy: 
DRR प्रशिक्षण पुस्तिका
Image Courtesy: 
Dr. R M Kumar, DRR
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