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जल प्रबन्धन

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1. प्रभावी जल प्रबन्धन के लिए, खेत का समतल होना जरूरी होता है। रोपण के समय जल का स्तर 1 से 2 सेमी बनाए रखे और पौधों को संभलने और कल्ले फूटने के समय जल का स्तर बढ़ाकर 3 – 5 सेमी गहरा करें।   

2. कल्ले फूटने की अधिकतम अवस्था के बाद, अनुत्पादक कल्ले को रोकने के लिए खेत से जल के निकासी कर दें और साथ ही पौधे की एकसमान वृद्धि और विकास होती है। 

3. फूल की अवस्था के दौरान जल का स्तर 3 से 5 सेमी तक बनाए रखें। कटाई से लगभग 5 – 7 दिन पहले खेत से पानी निकाल दें। 

4. जल प्रबन्धन में खेत में लगातार पानी रखने की बजाए चक्रीय रूप से पानी रखने से अत्यधिक मात्रा में जल की बचत होती है। 

 

 

File Courtesy: 
DRR प्रशिक्षण पुस्तिका
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