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Mn की कमी का प्रबंधन

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1.5 –10 kg ha-1 Mn का MnSO4 (25-30% Mn) के जरिए मृदा अनुप्रयोग की सलाह दी जाती है। MnSO4 का स्रोत चूंकि MnO2 (40% Mn) तथा MnCO3 (31% Mn) की तुलना में अधिक तीव्रता से कार्य करता है, इसलिए इसकी कमी वाली मिट्टी में इसका प्रयोग करना चाहिए। 

2. तीव्र रिकवरी के लिए 0.2 से 0.5 % MnSO4 का पत्र छिड़काव करना चाहिए, जो टिलरिंग की अवस्था से आरंभ किया जाना चाहिए। कई बार 3-4 दिनों के अंतराल पर बहु-अनुप्रयोग (तीन बार) की आवश्यकता पड़ती है।  

3. चावल-गेहूं प्रणाली में  Mn की घुलनशीलता पर जल-जमाव के अनुकूल प्रभाव के कारण, चावल की फ़सल को आम तौर पर Mn की कमी नहीं झेलनी पड़ती है। 

4.ID दशाओं में उगने वाले गेहूं की फ़सल Mn की कमी से प्रभावित होती है। ऊपर दर्शाए अनुसार MnSO4 का पत्र छिड़काव का सुझाव दिया जाता है, क्योंकि मिट्टी में डाला गए Mn को चावल के अगले मौसम में हानि की संभावना बनी रहती है। 

 

File Courtesy: 
DRR टेक्निकल बुलेटिन नं. 11, 2004-2005, एम. नारायण रेड्डी, आर. महेन्दर कुमार तथा बी. मिश्रा, चावल आधारित फ़सल प्रणाली हेतु स्थल-विशिष्ट समेकित पोषण प्रबंधन
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