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मृदा स्वास्थ्य में व्यवधान/गिरावट

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1. मृदा स्वास्थ्य में कमी को निम्नीकरण करते हैं तथा यह मुख्य रूप से उपरिक्त तीन घटकों के कारण होता है, जो हैं- भौतिक निम्नीकरण (अपरदन, संरचना में गिरावट- पैन निर्माण/ संघनन, मृदा कैपिंग/क्रस्ट निर्माण), रासायनिक निम्नीकरण (पोषक तत्त्वों में कमी/लवणता/सॉडिफिकेशन/अम्लीकरण/रासायनिक प्रदूषण) तथा जैविक निम्नीकरण (जैविक पदार्थों की हानि, पोषण चक्र विधि का बाधित होना।)। 

2. वैश्विक स्तर पर पिछ्ले 50 सालों से होने काले मृदा निम्नीकरण को फसल भूमि का 13% माना गया है।  

3. दक्षिण तथा दक्षिण-पूर्व एशिया में सकल घरेलू कृषि उत्पाद की 1-7% की आर्थिक हानि मृदा के निम्नीकरण के कारण होती है। 

4. भारत में होने वाले विभिन्न प्रकार के मृदा निम्नीकरणों में जल द्वारा अपरदन (150 m.ha), हवा द्वारा अपरदन(110.6 m.ha) देखा गया है। भौतिक निम्नीकरण के अन्य रूप (जल जमाव) के कारण यह अपरदन 11.6 m.ha.  देखा गया है।    

5. पोषण तत्त्वों की हानि के रूप में होने वाले रासायनिक निम्नीकरण तथा लवणता क्रमशः 3.7 m.ha तथा 10.1 m.ha देखा गए। हालांकि जैविक निम्नीकरण के तथ्य उपलब्ध नहीं हैं। भले ही चावल का हिस्सा 44 m.ha है पर ऐसे मात्रात्मक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। 

 

File Courtesy: 
DRR टेक्निकल बुलेटिन नं. 11, 2004-2005, एम. नारायण रेड्डी, आर. महेन्दर कुमार तथा बी. मिश्रा, चावल आधारित फ़सल प्रणाली हेतु स्थल-विशिष्ट समेकित पोषण प्रबंधन
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