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सुवासी धान की प्रजातियाँ

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सुवासी धान की प्रजातियाँ:

  • भारतीय उपमहाद्वीप में दो प्रकार के सुवासी चावल की खेती की जाती है।
  • प्रथम बासमती धान जो अपनी उच्च गुणवत्ता, विशिष्ठ सुगन्ध, सुस्वाद, दानों की अच्छी लम्बाई-चौडाई एवं पकाने के बाद भी सुन्दर आकृति के कारण विश्व में एक अलग पहंचान रखता है।
  • दुसरी तरफ दानों की कम लम्बाई के बावजूद अपनी महक एवं स्वाद से मन मोहने वाली विभिन्न आंचलो में आज भी लोकप्रिय ”सुवासी छोटे दानों “ वाली प्रजातियां है।
  • उत्तर प्रदेश मे बासमती की पारम्परिक एवं नवविकसित प्रजातियों के अन्तर्गत 5-84 लाख हे0 क्षेत्रफल है जिसमे नवविकसित पूसा बासमती-1121 सर्वाधिक क्षेत्र पर उगाई जा रही है इसके बाद पूसा बासमती-1 पैदा की जा रही है।
  • बासमती से मिलती जुलती प्रजाती शरवती भी काफी क्षेत्र मे ली जा रही है।
  • पारम्परिक बासमती प्रजातियों मे टाइप-3 जो देहरादून बासमती के नाम से प्रसिद्ध है।
  • प्रदेश मे सर्वाधिक क्षेत्र मे उगाई जाती है। उत्तर प्रदेश मे बासमती की पारम्परिक एवं नवविकसित प्रजातियों के अन्तर्गत 5-84 लाख हे0 क्षेत्रफल है जिसमे नवविकसित पूसा बासमती-1121 सर्वाधिक क्षेत्र पर उगाई जा रही है इसके बाद पूसा बासमती-1 पैदा की जा रही है।
  • बासमती से मिलती जुलती प्रजाती शरवती भी काफी क्षेत्र मे ली जा रही है। पारम्परिक बासमती प्रजातियों मे टाइप-3 जो देहरादून बासमती के नाम से प्रसिद्ध है। प्रदेश मे सर्वाधिक क्षेत्र मे उगाई जाती है।
  • जनपद स्तर पर उगाई जाने वाली बासमती प्रजातियों को तालिका-01 मे प्रदर्शित किया गया है।
File Courtesy: 
C S Azad University of Agriculture and Technology, Kanpur
Image Courtesy: 
C S Azad University of Agriculture and Technology, Kanpur
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