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बासमती किस्मे - पूसा बासमती-1

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बासमती किस्मे

उत्तर भारत के बासमती उगाने वाले क्षेत्रों में खेती के लिए संस्तुति की गई । बासमती एवं सुगंधित धान की उन प्रजातियों का जिन्होंनंे उत्पादन, उत्पादकता, किसानों की आय बढ़ाने और विदेषी मुद्रा अर्जित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, संक्षिप्त विवरण दिया गया है ।

पूसा बासमती-1

  • बासमती धान के विकास में पहली महत्वपूर्ण सफलता सन् 1989 में पूसा बासमती-1 प्रजाति के व्यावसायीकरण से मिली ।
  • यह प्रजाति अर्द्ध-बौनी, प्रकाष अवधि अप्रभावित और अधिक उपज देने वाली है । इस प्रजाति ने भारत में बासमती धान के उत्पादन में एक क्र्रान्ति ला दी ।
  • अत्यधिक लम्बे और सुगन्धित दाने, पकाने की कम अवधि और पकाये हुए लम्बे दानों के साथ 22-26 कु./एकड़ की उपज और षीघ्र तैयार होने (135-140 दिन) के गुणों ने पूसा बासमती-1 को किसानों, निर्यातकों और उपभोक्ताओं के बीच सबसे लोकप्रिय प्रजाति बना दिया ।
File Courtesy: 
http://rkmp.iari.res.in/index.aspx
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