Best Viewed in Mozilla Firefox, Google Chrome

एस.आर.आइ में जल प्रबन्धन

PrintPrintSend to friendSend to friend

1. बीच-बीच में पतली दरारें उभरने पर हल्की सिंचाई द्वारा (बारी-बारी से गीला कर और सुखा कर) पानी को बस मिट्टी की संतृप्ति के स्तर पर रखें।
2. पौधे लगाने से बूटिंग अवस्था तक, खेत को 2.5 सेमी ऊंचाई तक सिंचित किया जाना चाहिए। जब सारे पानी की निकासी हो जाए और खेत में हल्की दरारें पडने वाली हों तो खेत को पुनः 2.5 सेमी ऊंचाई तक सिंचित किया जाना चाहिए।
3. लेकिन वीडर चलाते समय पानीका हल्का आवरण रखें जो वीड चलाने में भी मदद करता है।
4. खेत से पानी के निकास के लिए और पौधों को अनावश्यक रूप से डूबने से बचाने के लिए पर्याप्त चैनल बनाएं।
5. पुष्पण की अवस्था से परिपक्वता तक स्थिर जल का उथला स्तर (2-3 सेमी) रखें।
6. कटाई से लगभग 10-15 दिन पहले खेत को पूरी तरह से सुखा दें।

File Courtesy: 
डीआरआर तकनीकी बुलेटिन/क्र.31/2008
Image Courtesy: 
डीआरआर तकनीकी बुलेटिन
Copy rights | Disclaimer | RKMP Policies