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पत्ती के रंग के चार्ट के आधार पर नाइट्रोजन का प्रबन्धन (वास्तविक समय में प्रबन्धन):

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1. यदि फसल की वास्तविक मांग के अनुसार वे एन डालने की मात्रा समायोजित कर सकें तो किसानों को लाभ होगा। इसका एक तरीका है लीफ कलर चार्ट (एलसीसी) (पत्ती के रंग का चार्ट)। ये माप खेत में पौधे के एन माप की निगरानी करने और ऊपर से एन डालने का समय ज्ञात करने में मदद करते हैं। डीआरआर द्वारा लीफ कलर चार्ट उचित संशोधनों के साथ चावल की उष्णकटिबन्धीय इंडिका किस्मों के लिए विकसित किया गया है।

2. एलसीसी के माप आम तौर पर प्रत्यारोपण के 14 दिनों बाद प्रति सप्ताह एक बार लिए जाते हैं। रंग क्रमांक, जो 1 से 7 तक होता है, के माप के लिए टीले में सबसे ऊपरी व सबसे अधिक फैली हुई पत्ती चुनी जाती है। रंग के मिलान के लिए पत्ती को रंग के चार्ट पर रखा जाना चाहिए। बगैर किसी निर्धारित क्रम के चुनी गई सबसे ऊपरी व सबसे अधिक फैली हुई 10 पत्तियों के रंग की तुलना चार्ट पर दी गई रेटिंग से की जाती है। जब औसत पत्ती का रंग 4 से कम हो, 8-14 किलो प्रति एकड एन ऊपर से मिलाने की अनुशंसा की जाती है। एलसीसी के मान का विकास के सभी चरणों में अनिवार्य रूप से सहसम्बन्ध देखा गया और यह कल्टिवर्स के दाने की प्राप्ति मा भी सूचक है।

3. रंग के चार्ट किसानों द्वारा प्रसन्नतापूर्वक ग्रहण किए जाते हैं और एन को ऊपरी तौर पर डालने की आवश्यकता ज्ञात करने के लिए रंग के चार्टों का उपयोग न केवल एन की आवश्यकता को कम करता है (10-15 किलो एन/एकड) लेकिन एन के उपयोग की दक्षता में भी वृद्धि करता है।

File Courtesy: 
डीआरआर तकनीकी बुलेटिन/क्र.31/2008
Image Courtesy: 
डीआरआर तकनीकी बुलेटिन/क्र.31/2008
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