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पोटाशियम (K)

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पोटाशियम (K)

पौधे की जड़ों द्वारा मिट्टी के घोल को पोटेशियम आयन (K +) द्वारा सक्रिय रुप से लिया जाता है। शुष्क पदार्थ के आधार पर वनस्पति ऊतकों में K +की सांद्रता 1 से 4% की श्रेणी में होती है।

पोटेशियम के कार्य

1. प्रकाश संश्लेषण, क्लोरोफिल के विकास के लिए आवश्यक है।

2. यह पौधों की ताक़त में सुधार करता है और प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों का सामना करने में उन्हें सक्षम बनाता है।

3. अनाज फसलों में लॉजिंग को कम कर देता है।

4. यह स्टौमैटा के खुलने और बंद होने को नियंत्रित करता है।

5. यह पौधों के भीतर आयनों के आने-जाने को नियंत्रित करता है और इसलिए इसे पौधे का ट्रैफिक पुलिसकर्मी कहा जाता है।

6. एंजाइमों का सक्रियकरण, एंजाइमों का संश्लेषण, पेप्टाइड बांडों का संश्लेषण।

7. पौधों में H2O के असंतुलन को नियंत्रित करता है।

कमी के लक्षण

1. पौधों की वृद्धि कम हो जाती है और उनकी इंटरनोड्स छोटी हो जाती है और दिखने में वे व्यस्त नजर आते हैं ।

2. पौधों में K की कमी के कारण प्रकाश संश्लेषण की दर कम हो जाती है।

3. चावल में पौधों के सिरे गहरे भूरे रंग के और उनके ब्लेड नीले हरे हो जाते हैं और उनमें क्लोरोटिक और नेकरोटिक दिखाई देते हैं।

File Courtesy: 
सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
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