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राइस स्वार्मिंग कैटरपीलर

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राइस स्वार्मिंग कैटरपीलर

वैज्ञानिक नाम: पोडोटेरा मॉरीशिया, नाक्ट्विडी, लेपीडोपटेरा

हमले के लक्षण:

रातों-रात नर्सरियों को पूरी तरह से कैटरपीलर द्वारा खाया हुआ पाया गया।

क्षति की प्रकृति:

  • कैटरपीलर बहुत बड़ी संख्या में शाम के समय आते हैं और सुबह होने तक धान के बीजांकुरों की पत्तियों को खाते हैं और दिन के समय छिप जाते हैं।
  • वे बहुत ही तेजी से खाते हैं और खेत में खाने के बाद दूसरे खेत की ओर चल देते हैं।
  • अत्यधिक पर्याक्रमण की स्थिति में फसल चरे हुए पौधों की तरह नजर आती है।
  • जिन पौधों पर हमला होता है वे केवल ठूंठ रह जाते हैं।
  • वे नर्सरियां जो कि ऐसे दलदली क्षेत्रों में होती है जिनके पानी की निकासी अच्छी तरह से नहीं होती उन पर सूखी जमीन की तुलना में पहले हमला होता है।
  • जुलाई से सितंबर के दौरान नुकसान अधिक होता है।

चावल के स्वार्मिंग कैटरपिलर का प्रबंधन

रासायनिक नियंत्रण: एक हेक्टेयर के लिए सुपर डी ( क्लोरोफाइरीफोस 50% + साइपरमिथेरिन 5%) या नूराल 55 EC@1.25 लीटर 500 लीटर पानी में डालकर छिड़काव करने से सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं।

File Courtesy: 
सी एस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर
Image Courtesy: 
Mr.Chaitanya, DRR
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